चंदौली के बरहनी ब्लॉक के सैकड़ों किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट जाकर जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग व अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार से ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कहा कि वे इस परियोजना के लिए अपनी उपजाऊ जमीन किसी भी हालत में नहीं देंगे।
किसान नेताओं ने बताया कि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे से कृषि प्रधान बरहनी क्षेत्र के किसानों की आजीविका दांव पर लगेगी। किसान नेता रतन सिंह ने कहा कि परियोजना से किसानों की जमीन दो हिस्सों में बंट जाएगी, जिससे बचे हुए खेतों तक पहुँचना और खेती करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने चेताया कि भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी बढ़ जाएगी।
किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि बरहनी में अधिकांश किसान व्यक्तिगत संसाधनों पर निर्भर हैं और खेतों की सिंचाई के लिए सैकड़ों मीटर पाइप बिछाते हैं। एक्सप्रेसवे के निर्माण से इन सिंचाई व्यवस्थाओं पर गहरा प्रभाव पड़ेगा और फसल उत्पादन प्रभावित होगा।
किसान सुमंत सिंह अन्ना ने बताया कि एक्सप्रेसवे कर्मनाशा नदी के बाएं किनारे से प्रस्तावित है, जिससे संभावित बाढ़ की स्थिति में दाहिनी ओर की समस्त कृषि भूमि और आबादी जलमग्न हो सकती है और अत्यधिक उपजाऊ जमीन खेती के योग्य नहीं रहेगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सैयदराजा-गाजीपुर ग्रीनफील्ड परियोजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी है।
किसानों ने अधिकारियों से गहराई से विचार कर मुआवजे और वैकल्पिक रूट पर पुनर्विचार की मांग की, जबकि अधिकारियों ने इसे सरकार का 'ड्रीम प्रोजेक्ट' बताते हुए किसानों की मांग पर असमर्थता जताई। किसानों की इस प्रतिक्रिया से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान महेश्वर सिंह, निखिल कुमार सिंह, अशोक यादव, मनोज सिंह, प्रभात सिंह, अविनाश सिंह सहित कई अन्य किसान मौजूद थे और उन्होंने आगे भी संगठित मोर्चा जारी रखने की चेतावनी दी।
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