चंदौली के बरहनी क्षेत्र में विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में रविवार को किसानों ने मां मंशादेवी पीजी कॉलेज, बरहनी में प्रेस वार्ता कर सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी कीमत पर उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण बर्दाश्त नहीं करेंगे और भूमि बचाने की लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रखेंगे।
जमीन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने कहा कि किसान अपनी जमीन को मां समान मानते हैं और इसे बचाने के लिए हर प्रकार का संघर्ष करने को तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन व सरकार किसानों की भावनाओं को अनसुना कर जबरदस्ती अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका वे पुरजोर विरोध करेंगे।
संरक्षक किसान नेता सुमंत सिंह अन्ना ने कड़ा स्वर रखते हुए कहा, "हम किसान कटेंगे, मरेंगे, आंदोलन करेंगे, लेकिन किसी भी कीमत पर अपनी जमीन अधिग्रहीत नहीं होने देंगे।" उन्होंने मांग की कि सरकार परियोजना के वैकल्पिक मार्गों का विचार करे और उपजाऊ कृषि भूमि को अधिग्रहण से बाहर रखें।
किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया तो वे महापंचायत बुलाकर व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर होगी।
प्रेस वार्ता में डॉ. समर बहादुर सिंह, संत विलास सिंह, अरुण सिंह, समरेंद्र सिंह, लल्ला सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, दुर्गादत्त तिवारी, आलोक सिंह और निखिल सिंह सहित कई किसान और स्थानीय नेताओं ने हिस्सा लिया।किसान नेताओं ने जनता से भी समर्थन की अपील की और कहा कि यह संघर्ष केवल जमीन के लिए नहीं, बल्कि भविष्य और सामाजिक न्याय के लिए है।
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