कैंप जिले के तीन ब्लॉकों के गांवों — धानापुर ब्लॉक के दिया गांव, चहनिया ब्लॉक के कॉवर गांव और शहाबगंज ब्लॉक के बड़ोंव गांव — में आयोजित किए गए। प्रत्येक स्थान पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, कृषि विशेषज्ञ और बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एलडीएम चंदौली श्री आशीष कुमार, यूनियन बैंक के आरएबीडी अधिकारी श्रीमती ज्योति सिंह, कृषि विभाग के अधिकारी तथा क्षेत्र की विभिन्न बैंक शाखाओं के शाखा प्रमुखों ने किसानों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी की सेहत बनाए रखने, फसल चक्र और पोषक तत्व प्रबंधन, जल संरक्षण तथा कीट‑रोग नियंत्रण जैसे वैज्ञानिक तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत खेती की तकनीकें और कम लागत वाली जैविक विधियों अपनाने पर जोर दिया। वहीं बैंक अधिकारियों ने किसान क्रेडिट कार्ड के लाभ, लोन की प्रक्रिया और पुनर्भुगतान विकल्पों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कैंप के दौरान पात्र किसानों का केसीसी के तहत ऋण स्वीकृति प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई और कई किसानों को मौके पर ही ऋण स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। एलडीएम आशीष कुमार ने कहा कि यह पहल किसानों को त्वरित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन बढ़ाने में सहायक साबित होगी। आरएबीडी अधिकारी ज्योति सिंह ने भी किसानों को केसीसी से जुड़ी सुविधाओं और बैंकिंग मदद के बारे में प्रस्फुटित जानकारी दी तथा किसानों से अपील की कि वे आवश्यक दस्तावेज लेकर बैंक शाखाओं में संपर्क करें।
स्थानीय किसानों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मौके पर विशेषज्ञों से मिलने वाली सलाह और तुरन्त मिलने वाली ऋण स्वीकृति से उनकी आर्थिक चुनौतियों को काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। कुछ किसानों ने मिट्टी परीक्षण और फसल सलाह के लिए निरंतर सहायता की मांग भी की।
किसानों की बेहतर खेती और वित्तीय समावेशन सुनिश्चित करने के लिए जिले में ऐसे कैंप आगे भी आयोजित किए जाने की योजना है। प्रशासन ने बताया कि आगामी सप्ताहों में और गांवों में इसी प्रकार के शिविर चलाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक छोटे और सीमांत किसान इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
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