चंदौली- वाराणसी, 06 जुलाई 2026 — राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन द्वारा प्रकाशित और दिनेश चन्द्र द्वारा संपादित साझा काव्य संग्रह 'मन के पंख' का भव्य लोकार्पण रविवार को सेंट अल हनीफ एजुकेशनल सेंटर, सेमरा के सभागार में गरिमामय समारोह के साथ संपन्न हुआ। साहित्य, शिक्षा, कला, संगीत और सामाजिक सेवा के क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा दी।
समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार व केंद्रीय तिब्बती संस्थान/विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर प्रो. डॉ. उमेश प्रसाद सिंह ने की। मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. उत्तमा दीक्षित (डीन — दृश्य कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने साहित्य और कला के पारस्परिक संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी साझा कृतियाँ नवोदित रचनाकारों को आत्मविश्वास और नई पहचान दिलाती हैं।
विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ साहित्यकार व समाजसेवी संतोष सिंह, वरिष्ठ साहित्यकार अखलाक खान 'भारतीय', पूर्व प्राचार्य डॉ. अनिल यादव तथा सेंट अल हनीफ एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन हाजी डॉ. वसीम अहमद शामिल रहे। अतिथियों ने संयुक्त रूप से 'मन के पंख' का लोकार्पण करते हुए कहा कि यह संग्रह नए और स्थापित रचनाकारों के लिए सशक्त साहित्यिक मंच है और समकालीन हिंदी साहित्य को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।
पुस्तक के संपादक दिनेश चन्द्र ने बताया कि इस साझा काव्य संग्रह में कुल 31 कवियों के रचनाएँ शामिल हैं। उन्होंने सभी सहयोगियों, रचनाकारों और अतिथियों का धन्यवाद किया तथा प्रकाशन यात्रा की जानकारी साझा की। संग्रह में शामिल कवियों ने अपनी-अपनी प्रतिनिधि काव्यरचना का सस्वर पाठ किया, जिसे उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने भरपूर सराहा।
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन एवं चेतना साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।समापन पर प्रकाशक डॉ. विनय कुमार वर्मा ने अतिथियों, रचनाकारों और उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय चेतना प्रकाशन भविष्य में भी साहित्य की नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता रहेगा।
समारोह में साहित्यप्रेमियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में रचनाकारों की उपस्थिति रही। उपस्थित रचनाकारों में शकील अहमद, रामजी प्रसाद भैरव, प्रमोद भृगुवंशी, दीनानाथ देवेश, दयाराम जायसवाल, प्रकाश चौरसिया, झरना मुखर्जी, मुनक्का मौर्य, जयप्रकाश धानापुरी, टीकाराम आचार्य, अरुण आर्य, लवकुश मिश्रा, डॉ. वत्सला, लता सक्सेना, संगीता शिवपुरी, मनोज आनंद, सत्यम, पीयूष मिश्रा, ताहिर वारसी, प्रमोद अग्रहरी व अरुण तिवारी प्रमुख रूप से शामिल थे। पूरे आयोजन का वातावरण साहित्यिक सृजन और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत रहा।
0 टिप्पणियाँ