गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर, 20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; चंदौली में भी मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
नई दिल्ली, लखनऊ। मानसून के अंतिम दौर में देश के कई हिस्सों में बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में बाढ़, जलभराव और नदियों के बढ़ते जलस्तर से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 सितंबर को देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश में 17 जिले बाढ़ से प्रभावित
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंता का कारण बनी हुई है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 17 जिलों में बाढ़ का असर है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों में भोजन और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा नावों एवं बचाव दलों की मदद से राहत कार्य चलाए जा रहे है।
पूर्वांचल में गंगा सहित कई नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर और आसपास के जिलों में भी बारिश तथा नदी के जलस्तर को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को चंदौली समेत कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है। चंदौली के साथ वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ सहित कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।
बिहार में भी बढ़ा खतरा
बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों के कारण बाढ़ का खतरा बना हुआ है। नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ की घटनाओं का असर बिहार की नदियों के जलस्तर पर भी पड़ रहा है। सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बिहार के निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में लगातार बारिश से स्थिति और बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश की चेतावनी जारी की है।
असम और पश्चिम बंगाल में भी संकट
असम लंबे समय से मानसूनी बाढ़ और नदी कटाव की समस्या से प्रभावित रहा है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों और आवागमन के रास्तों तक पहुंचने से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
पश्चिम बंगाल में भी बारिश का दौर जारी है। IMD के 1 सितंबर के पूर्वानुमान में गंगीय पश्चिम बंगाल में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है।
मध्य प्रदेश में भी बाढ़ का असर
मध्य प्रदेश के चित्रकूट क्षेत्र में हाल में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा। कई स्थानों पर पानी भरने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और बड़ी संख्या में लोगों को बचाया गया।
20 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
1 सितंबर को देश के करीब 20 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और गरज-चमक की चेतावनी सामने आई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, असम, त्रिपुरा और मेघालय समेत कई राज्यों में मौसम खराब रहने की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। हिमाचल प्रदेश में 3 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहने तथा कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
निचले इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों, राहत शिविरों, नावों और बचाव दलों को सक्रिय रखना जरूरी है। लोगों को नदी, नहर और तेज बहाव वाले पानी के पास जाने से बचने तथा बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान से साफ है कि सितंबर की शुरुआत में मानसून अभी कमजोर नहीं पड़ा है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आने वाले दिनों में बारिश स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।
चंदौली में गंगा का बढ़ा जलस्तर, तटवर्ती इलाकों में बढ़ी चिंता,बारिश के बीच प्रशासन अलर्ट, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर रखी जा रही नजर
चंदौली। लगातार बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिले के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खासकर सकलडीहा, धानापुर और चहनियां क्षेत्र के गंगा किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ी हुई है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ चौकियों और राहत-बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा है। संवेदनशील क्षेत्रों में जलस्तर की निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है। नाव, राहत सामग्री और बचाव दलों की उपलब्धता पर भी नजर रखी जा रही है।
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में तटीय गांवों के खेतों और संपर्क मार्गों पर पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी और तेज बहाव वाले पानी के पास नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना देने की अपील की है।
फिलहाल जिले में प्रशासन की प्राथमिकता तटवर्ती गांवों में निगरानी बढ़ाने और संभावित बाढ़ से पहले राहत-बचाव के इंतजाम सुनिश्चित करने की है।