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चंदौली: आठ साल तक पॉक्सो आरोपी को तलाशती रही पुलिस, 50 हजार का इनाम भी नहीं आया काम—अब अरबाज नट चढ़ा हत्थे

जमानिया बॉर्डर के पास घेराबंदी कर धीना पुलिस ने दबोचा, 315 बोर का असलहा और जिंदा कारतूस बरामद

चंदौली। वर्ष 2018 में दर्ज पॉक्सो एक्ट के मुकदमे में करीब आठ वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामिया वांछित आरोपी अरबाज नट उर्फ खबरी को आखिरकार धीना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बावजूद वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

पुलिस के अनुसार 13 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर धीना पुलिस ने जमानिया बॉर्डर के पास घेराबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में वहां पहुंचे अरबाज नट को पुलिस टीम ने पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध असलहा और जिंदा कारतूस बरामद होने का पुलिस ने दावा किया है। असलहा बरामद होने के बाद आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।

वर्ष 2018 से चल रहा था फरार

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अरबाज नट उर्फ खबरी के खिलाफ थाना धीना में वर्ष 2018 में मुकदमा अपराध संख्या 04/2018 दर्ज किया गया था। इसमें धारा 363, 366, 376 भादवि तथा धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार पुलिस की गिरफ्तारी से बचता रहा।

लंबे समय तक न्यायालय की कार्रवाई से दूर रहने और फरार रहने के कारण उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 0079/2018 में धारा 174-A भादवि के तहत भी कार्रवाई की गई। इसके बावजूद आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।

इनाम घोषित होने के बाद भी बदलता रहा ठिकाना

पुलिस के मुताबिक इनाम घोषित होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ ही उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही थी। बताया गया कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

इनामी और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत धीना पुलिस ने भी अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया था। पुलिस की नजर आरोपी के संभावित आने-जाने वाले रास्तों और उन स्थानों पर थी, जहां उसके छिपे होने की संभावना थी।

मुखबिर की सूचना ने खत्म की आठ साल की फरारी

पुलिस के अनुसार इसी दौरान मुखबिर से अरबाज नट के जमानिया बॉर्डर के आसपास मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई और बताए गए स्थान के आसपास घेराबंदी कर दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने मौके से बच निकलने का प्रयास किया, लेकिन पहले से तैयार पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध असलहा और जिंदा कारतूस बरामद हुआ।

असलहा बरामद होने पर बढ़ी कानूनी मुश्किल

आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही उसके खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हो गया। पुलिस के मुताबिक असलहा और कारतूस बरामद होने के मामले में मुकदमा अपराध संख्या 73/2026 के तहत धारा 3/25 आर्म्स एक्ट एवं संबंधित प्रावधानों में कार्रवाई की गई है।

इस तरह वर्ष 2018 के पॉक्सो मामले और फरारी से संबंधित कार्रवाई के अलावा अब आरोपी के खिलाफ अवैध असलहा रखने का मामला भी जुड़ गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके फरार रहने के दौरान की गतिविधियों और संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

पुलिस खंगाल रही आरोपी का पुराना रिकॉर्ड

अरबाज नट की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके आपराधिक इतिहास को भी खंगालने में जुटी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि करीब आठ वर्षों तक फरार रहने के दौरान आरोपी किन-किन स्थानों पर रहा और किन लोगों के संपर्क में रहा। इसके अलावा पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटा रही है कि फरारी के दौरान आरोपी ने किसी अन्य आपराधिक गतिविधि को अंजाम दिया था या नहीं। उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित मददगारों के बारे में भी पुलिस जांच कर रही है।

धीना पुलिस टीम की कार्रवाई

इस गिरफ्तारी की कार्रवाई थाना धीना पुलिस टीम ने प्रभारी निरीक्षक दिलीप श्रीवास्तव के नेतृत्व में की। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पतई राम, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार मिश्रा, कांस्टेबल अमित मिश्रा और कांस्टेबल अमित दुबे शामिल रहे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इनामी और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। लंबे समय से फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखते हुए संभावित ठिकानों और संपर्क सूत्रों पर निगरानी की जा रही है।

आठ साल बाद पुराने मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ
वर्ष 2018 में मुकदमा दर्ज होने के बाद से लगातार फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। करीब आठ वर्षों तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहने वाला 50 हजार रुपये का इनामिया आरोपी आखिरकार 13 अगस्त 2026 को जमानिया बॉर्डर के पास गिरफ्तार कर लिया गया।



आरोपी की गिरफ्तारी से पुराने पॉक्सो मामले में अब आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। वहीं गिरफ्तारी के दौरान अवैध असलहा बरामद होने के बाद उसके खिलाफ एक नया मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसकी फरारी के दौरान की गतिविधियों, संभावित ठिकानों, संपर्कों और आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।