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“लेहरा में प्रधान प्रत्याशी अवधेश यादव ने शान और सम्मान से फहराया तिरंगा, छात्र-छात्राओं को दिया शिक्षा और राष्ट्रसेवा का संदेश”

सकलडीहा, चंदौली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सकलडीहा विकासखंड के लेहरा गांव स्थित इंग्लिश मीडियम प्राइमरी स्कूल लेहरा में शनिवार को देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक श्री विजय प्रताप सिंह, सहायक अध्यापक-अध्यापिका श्री मनोज कुमार, श्री अनुज प्रताप सिंह, श्रीमती सुनीता उपाध्याय, संजय कुमार सहित विद्यालय परिवार की उपस्थिति रही। ग्राम प्रधान संजय यादव, धर्मराज यादव, जीवनाथ मौर्य, राम अवतार यादव, सारनाथ यादव, रामावतार राम, जनार्दन यादव, कृष्ण पासवान, सहंगू यादव, प्रधान प्रत्याशी अवधेश यादव, पूर्व बीडीसी विजेंद्र यादव, जितेंद्र यादव, संजीव यादव, गोलू पासवान, मोनू यादव, सोनू यादव, राजू यादव, चंद्रेश राम, सूरज कनौजिया, उषा मौर्य, लालदेई देवी, महदेई देवी, संतरा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी अवधेश यादव ने विद्यालय के अध्यापक-अध्यापिकाओं, छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ तिरंगा झंडा फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और विद्यालय परिसर भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के जयघोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर देश को आजादी दिलाने में अहम योगदान देने वाले वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। इस दौरान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।

छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बोले अवधेश यादव

ध्वजारोहण के बाद ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी अवधेश यादव ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन में रहने और अपने माता-पिता तथा गुरुजनों का सम्मान करने की अपील की।

अवधेश यादव ने कहा कि “आज के बच्चे ही देश का भविष्य हैं। आप सभी खूब पढ़ें और आगे बढ़ें। आपके सपने केवल आपके परिवार तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि आपके सपनों में गांव, समाज और देश की तरक्की भी शामिल होनी चाहिए। शिक्षा ही वह माध्यम है, जिसके जरिए हम अपने जीवन को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज और राष्ट्र को भी मजबूत बना सकते हैं।”

उन्होंने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि देश की आजादी हमें लंबे संघर्ष और असंख्य वीर सपूतों के बलिदान के बाद मिली है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह देश के प्रति ईमानदार रहे और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने में अपना योगदान दे।

उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने जीवन में मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए किसी शॉर्टकट की जरूरत नहीं है। निरंतर मेहनत और लगन के साथ शिक्षा प्राप्त करने वाला विद्यार्थी अपने जीवन में निश्चित रूप से आगे बढ़ सकता है।

बोले- तिरंगा हमारी आन, बान और शान

अवधेश यादव ने कहा कि तिरंगा भारत की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसके तीनों रंग और अशोक चक्र हमें देश के प्रति जिम्मेदारियों का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे हमेशा देश का सम्मान करें और जाति, धर्म तथा वर्ग से ऊपर उठकर एक-दूसरे के साथ भाईचारे की भावना से रहें। उन्होंने कहा कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है, जब समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना बनी रहे।

महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील

कार्यक्रम में अवधेश यादव ने छात्र-छात्राओं को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और पंडित जवाहरलाल नेहरू जैसे महापुरुषों के जीवन और योगदान से प्रेरणा लेने की बात कही।

उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने अपने-अपने क्षेत्र में देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके संघर्ष और विचार आज भी देशवासियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे महापुरुषों के जीवन के बारे में पढ़ें और उनके अच्छे विचारों को अपने जीवन में उतारें।

शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

अवधेश यादव ने कहा कि केवल किताबी ज्ञान हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार और जिम्मेदारी की भावना भी होनी चाहिए। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि वे अपने विद्यालय, घर और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखें तथा दूसरों की मदद करने की आदत विकसित करें।

उन्होंने कहा कि विद्यालय बच्चों के भविष्य की नींव तैयार करता है। शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के साथ ही उन्हें एक अच्छा इंसान बनने की दिशा भी दिखाते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों का सम्मान करते हुए उनकी बातों को गंभीरता से अपनाना चाहिए।

शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

अवधेश यादव ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य में शिक्षकों और अभिभावकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें। वहीं शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ राष्ट्र और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि गांव की तरक्की का रास्ता विद्यालय से होकर गुजरता है। यदि गांव के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे तो आने वाले समय में यही बच्चे गांव, जनपद और देश का नाम रोशन करेंगे।

अवधेश यादव ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गर्व और गौरव का दिन है। आज हम जिस आजाद भारत में रह रहे हैं, वह हमारे वीर सपूतों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। मैंने आज विद्यालय में तिरंगा फहराकर बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और उन्हें देश के प्रति अपने कर्तव्यों की जानकारी दी। मेरा संदेश है कि सभी छात्र-छात्राएं खूब पढ़ें, मेहनत करें, अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें तथा आगे चलकर देश और समाज की सेवा करें। गांव का भविष्य इन्हीं बच्चों के हाथों में है। शिक्षा और संस्कार के माध्यम से हम एक मजबूत समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”

अवधेश यादव ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गर्व और गौरव का दिन है। आज हम जिस आजाद भारत में रह रहे हैं, वह हमारे वीर सपूतों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। हमें उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए। मैंने आज विद्यालय में तिरंगा फहराकर बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया और उन्हें देश के प्रति अपने कर्तव्यों की जानकारी दी। मेरा संदेश है कि सभी छात्र-छात्राएं खूब पढ़ें, मेहनत करें, अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करें तथा आगे चलकर देश और समाज की सेवा करें। गांव का भविष्य इन्हीं बच्चों के हाथों में है। तरक्की का रास्ता विद्यालय से होकर गुजरता है। यदि गांव के बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त करेंगे तो आने वाले समय में यही बच्चे गांव, जनपद और देश का नाम रोशन करेंगे। शिक्षा और संस्कार के माध्यम से हम एक मजबूत समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।”

देशभक्ति के नारों से गूंजा विद्यालय परिसर

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। ध्वजारोहण के बाद बच्चों ने देशभक्ति के नारे लगाए। विद्यालय परिसर में मौजूद अध्यापक-अध्यापिकाओं और ग्रामीणों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। सभी ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए देश की एकता, अखंडता और समृद्धि की कामना की।

अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। स्वतंत्रता दिवस समारोह के माध्यम से जहां बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत हुई, वहीं उन्हें शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा का संदेश भी दिया गया।