स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए ध्वजारोहण कार्यक्रम, किसान-मजदूर एकता और ग्रामीण समस्याओं को लेकर संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प
चंदौली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन की ओर से जनपद के विभिन्न विकासखंडों में देशभक्ति और किसान-मजदूर एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला। धानापुर के गुरैनी पंप कैनाल से लेकर नौगढ़ के सेमरा तक संगठन से जुड़े किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों पर तिरंगा झंडा फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दौरान राष्ट्रगान के साथ तिरंगे को सलामी दी गई और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों और अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रमों के दौरान किसान नेताओं ने कहा कि देश की आजादी केवल सत्ता परिवर्तन का नाम नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तब पूरा होगा, जब देश के किसान, मजदूर, गरीब, ग्रामीण और मेहनतकश वर्ग को सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा। नेताओं ने कहा कि किसान खेतों में मेहनत कर देश के लिए अन्न पैदा करता है, जबकि मजदूर अपने श्रम से देश के विकास की नींव मजबूत करता है। इसलिए किसान और मजदूरों की समस्याओं का समाधान देश के विकास की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
जनपद में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संगठन की ओर से कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। धानापुर ब्लॉक के गुरैनी पंप कैनाल पर दीनानाथ श्रीवास्तव और मुन्ना सिंह के नेतृत्व में, बरहनी ब्लॉक के पौनी गांव में किसान नेता एवं पूर्व प्रधान राजेश यादव के नेतृत्व में, चहनियां ब्लॉक के खोनपुर में आजाद यादव के नेतृत्व में, नियामताबाद ब्लॉक के लाखापुर में मोलू बिंद के नेतृत्व में, नौगढ़ ब्लॉक के सेमरा में सुखदेव यादव के नेतृत्व में तथा बरहनी ब्लॉक के डेढ़गांवा में दुर्गेश सिंह और अक्षय खान के नेतृत्व में तिरंगा फहराया गया।
गुरैनी पंप कैनाल पर किसान नेताओं ने दिया एकजुटता का संदेश
धानापुर ब्लॉक के गुरैनी पंप कैनाल पर आयोजित कार्यक्रम विशेष रूप से किसान और सिंचाई व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा का केंद्र रहा। यहां किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव और मुन्ना सिंह के नेतृत्व में तिरंगा फहराया गया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ और उपस्थित लोगों ने तिरंगे को सलामी दी।
किसान नेताओं ने कहा कि गुरैनी पंप कैनाल क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सिंचाई साधन है। खेती का सीधा संबंध सिंचाई व्यवस्था से है। यदि किसानों को समय पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होता तो फसल उत्पादन प्रभावित होता है और इसका सीधा असर किसान की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इसलिए नहरों और पंप कैनालों की व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है।
वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराते हुए किसान और मजदूरों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी समस्याओं को उठाते रहेंगे।
दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा- किसान की खुशहाली से मजबूत होगा देश
गुरैनी पंप कैनाल पर कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के गौरव और स्वाभिमान का पर्व है। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन ग्रामीण भारत के किसान और मजदूर आज भी कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। किसान को खेती के लिए समय पर पानी, बिजली, खाद, बीज और उचित बाजार की आवश्यकता होती है। इनमें किसी भी स्तर पर कमी होने पर किसान की मेहनत प्रभावित होती है।
दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि किसानों को केवल अन्नदाता कहने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान भी होना चाहिए। सिंचाई व्यवस्था को बेहतर करना, किसानों तक कृषि संसाधन समय पर पहुंचाना और उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन किसान और मजदूरों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और गांव-गांव तक किसान-मजदूरों को जागरूक करने का आह्वान किया।
मुन्ना सिंह ने कहा- किसान और मजदूर देश की रीढ़
मुन्ना सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश के प्रति अपने कर्तव्यों का एहसास कराता है। देश की आर्थिक व्यवस्था में किसान और मजदूर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। किसान खेती करके अन्न पैदा करता है तो मजदूर विभिन्न क्षेत्रों में अपने श्रम से देश की अर्थव्यवस्था को गति देता है।
उन्होंने कहा कि किसान को सबसे बड़ी जरूरत सिंचाई की होती है। यदि समय पर पानी उपलब्ध हो जाए तो किसान बेहतर उत्पादन कर सकता है। गुरैनी पंप कैनाल और उससे जुड़ी सिंचाई व्यवस्था क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए पंप कैनाल की व्यवस्था को मजबूत और नियमित बनाए रखना जरूरी है।
मुन्ना सिंह ने कहा कि किसान-मजदूरों की समस्याएं अलग-अलग दिखाई दे सकती हैं, लेकिन दोनों का संघर्ष एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है। किसान और मजदूर एकजुट होकर अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से सामने रखेंगे तो उनकी आवाज अधिक प्रभावी होगी।
उन्होंने कहा कि संगठन किसान-मजदूर एकता के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को उठाने का काम आगे भी करता रहेगा।
पारसनाथ विश्वकर्मा ने कहा- शहीदों के सपनों का भारत बनाना जिम्मेदारी
जिलाध्यक्ष पारसनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल तिरंगा फहराने का पर्व नहीं है, बल्कि यह देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को याद करने का अवसर है। जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी के लिए संघर्ष किया, उनके सपनों का भारत बनाने की जिम्मेदारी आज की पीढ़ी की है।
उन्होंने कहा कि समाज में भाईचारा, समानता और आपसी सहयोग की भावना मजबूत होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान और मजदूर एक-दूसरे के सहयोगी हैं। किसानों की खुशहाली से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और गांवों की मजबूती से देश की आर्थिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने युवाओं से देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की।
पिंटू पाल ने कहा- किसान और मजदूरों की आवाज बुलंद होती रहेगी
किसान नेता पिंटू पाल ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कहा कि देश की आजादी लाखों लोगों के त्याग और बलिदान से मिली है। इसलिए आजादी के मूल्यों की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसान खेत में मेहनत करके देश के करोड़ों लोगों का पेट भरता है, वहीं मजदूर अपने श्रम से सड़क, भवन, उद्योग और अन्य विकास कार्यों को गति देता है। किसान और मजदूर देश की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार हैं।
पिंटू पाल ने कहा कि संगठन किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सिंचाई, बिजली, कृषि लागत, फसलों का उचित मूल्य, ग्रामीण रोजगार और अन्य समस्याओं को संबंधित स्तर पर उठाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसान-मजदूरों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी समस्या के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
पौनी गांव में राजेश यादव के नेतृत्व में ध्वजारोहण
बरहनी ब्लॉक के पौनी गांव में किसान नेता एवं पूर्व प्रधान राजेश यादव के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान हुआ। उपस्थित किसान नेताओं और ग्रामीणों ने देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।
राजेश यादव ने कहा कि गांवों की तरक्की के बिना देश का विकास अधूरा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और मजदूरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांव में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और रोजगार जैसी सुविधाओं को मजबूत किया जाना चाहिए।कार्यक्रम में ग्रामीणों ने देशभक्ति के नारों के साथ स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
खोनपुर में आजाद यादव के नेतृत्व में फहराया तिरंगा
चहनियां ब्लॉक के खोनपुर में आजाद यादव के नेतृत्व में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित हुआ। किसान और मजदूर कार्यकर्ताओं ने तिरंगे को सलामी दी। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के प्रत्येक नागरिक को एकजुट होने का संदेश देता है। कार्यक्रम में किसान-मजदूरों की एकता पर जोर दिया गया और कहा गया कि गांवों की समस्याओं को सामूहिक प्रयासों से ही बेहतर तरीके से सामने लाया जा सकता है।
लाखापुर में मोलू बिंद के नेतृत्व में ध्वजारोहण
नियामताबाद ब्लॉक के लाखापुर में मोलू बिंद के नेतृत्व में तिरंगा फहराया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों और संगठन से जुड़े लोगों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए देशहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि आजादी के बाद देश ने विकास की लंबी यात्रा तय की है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और मजदूरों की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए अभी भी निरंतर प्रयास जरूरी हैं।
सेमरा में सुखदेव यादव के नेतृत्व में गूंजे देशभक्ति के नारे
नौगढ़ ब्लॉक के सेमरा में सुखदेव यादव के नेतृत्व में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। तिरंगा फहराए जाने के बाद राष्ट्रगान हुआ। उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए।
किसान नेताओं ने कहा कि नौगढ़ जैसे ग्रामीण और वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों की अपनी विशिष्ट समस्याएं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और किसानों-मजदूरों की आर्थिक स्थिति में सुधार आवश्यक है।
डेढ़गांवा में भी हुआ ध्वजारोहण
बरहनी ब्लॉक के डेढ़गांवा में दुर्गेश सिंह और अक्षय खान के नेतृत्व में तिरंगा फहराया गया। कार्यक्रम में किसान और मजदूर कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को नमन करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर संगठन का उद्देश्य केवल समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना भी है।
कई किसान नेता रहे मौजूद
विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में दीनानाथ श्रीवास्तव, मुन्ना सिंह, पारसनाथ विश्वकर्मा, राजेश यादव, शिवराज, रामअवध यादव, शेषनाथ यादव, पिंटू पाल, विजयकांत पासवान, मोहन यादव, मनोज सिंह, अविनाश सिंह और राजेंद्र सहित संगठन से जुड़े किसान नेता, कार्यकर्ता, किसान, मजदूर और ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रमों में कहीं भी केवल औपचारिक ध्वजारोहण तक कार्यक्रम सीमित नहीं रहा, बल्कि किसान-मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस का अवसर देश की उपलब्धियों के साथ-साथ उन चुनौतियों पर विचार करने का भी अवसर है, जिनका सामना आम नागरिक कर रहा है।
सिंचाई व्यवस्था को लेकर उठी आवाज
गुरैनी पंप कैनाल पर आयोजित कार्यक्रम में सिंचाई व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा हुई। किसान नेताओं ने कहा कि खेती में सिंचाई की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। धान जैसी फसल के लिए पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। यदि नहर और पंप कैनाल की व्यवस्था समय पर किसानों की जरूरत के अनुरूप पानी उपलब्ध कराए तो किसानों को काफी राहत मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से किसान वर्षा पर कम निर्भर रहेगा और अपनी फसल की बेहतर योजना बना सकेगा। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ किसान की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है।
किसान-मजदूर एकता को मजबूत करने का आह्वान
कार्यक्रमों में किसान नेताओं ने किसान-मजदूर एकता को संगठन की ताकत बताया। नेताओं ने कहा कि किसान और मजदूर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के दो महत्वपूर्ण आधार हैं। किसान के खेत में काम करने वाले मजदूर से लेकर निर्माण और अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक तक देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
वक्ताओं ने कहा कि किसान और मजदूरों के बीच आपसी सहयोग और एकता को मजबूत करने की जरूरत है। संगठन की ओर से कहा गया कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
शहीदों को किया गया नमन
सभी कार्यक्रमों में स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता का इतिहास त्याग, संघर्ष और बलिदान से भरा हुआ है। आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सेनानियों की बदौलत आज देशवासी स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत किया जाए, समाज में भाईचारा कायम रखा जाए और कमजोर वर्गों की आवाज को सम्मान दिया जाए।
गांवों की समस्याओं को लेकर आगे भी आवाज उठाने का संकल्प
ध्वजारोहण कार्यक्रमों के अंत में किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर आगे भी आवाज उठाने का संकल्प लिया। नेताओं ने कहा कि संगठन किसान और मजदूरों के हित से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहेगा।
उन्होंने कहा कि किसान को सिंचाई, बिजली, खाद, बीज और उचित मूल्य जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। वहीं मजदूरों को रोजगार और उनके श्रम का उचित सम्मान मिलना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने से ही गांवों की अर्थव्यवस्था बेहतर होगी।
इस दौरान नेताओं ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गर्व का अवसर है। तिरंगा प्रत्येक भारतीय के सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। इसलिए राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना सभी का कर्तव्य है।
धानापुर के गुरैनी पंप कैनाल से लेकर बरहनी, चहनियां, नियामताबाद और नौगढ़ के विभिन्न गांवों तक हुए इन कार्यक्रमों में किसान नेताओं ने तिरंगा फहराकर न केवल स्वतंत्रता दिवस मनाया, बल्कि किसान-मजदूर एकता, ग्रामीण विकास और अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति का माहौल बना रहा और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के नारों से वातावरण गूंजता रहा।