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चंदौली: बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज में कल आंदोलन, वसूली से लेकर दलालों तक पर उठेंगे सवाल

पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ के नेतृत्व में होगा प्रदर्शन, अनधिकृत वसूली से लेकर दवाओं-जांच और रजिस्ट्रेशन व्यवस्था तक सुधार की मांग

चंदौली। बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज, पारदर्शी व्यवस्था और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सोमवार, 10 अगस्त को धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। यह धरना सुबह 10 बजे मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रस्तावित है। प्रदर्शन का नेतृत्व सैयदराजा के पूर्व विधायक एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ करेंगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज आम नागरिक का अधिकार है और किसी भी मरीज की मजबूरी का फायदा उठाकर उससे अनधिकृत रूप से धन की मांग नहीं की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें बाहर की दवाइयां लिखे जाने, निजी केंद्रों पर जांच के लिए भेजे जाने, पर्ची और रजिस्ट्रेशन के लिए पुरानी और नई बिल्डिंग के बीच भटकने तथा बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों के लिए प्रभावी सहायता व्यवस्था का अभाव शामिल है।

विधवा मां प्रकरण में लगाए गए आरोपों की जांच की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान एक विधवा मां से कथित तौर पर अलग-अलग मदों में ₹30,000, ₹13,000 और ₹10,000 की मांग किए जाने के आरोपों को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

आयोजकों का कहना है कि किसी भी सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में इलाज कराने पहुंचे गरीब और जरूरतमंद मरीज को आर्थिक दबाव में नहीं आना चाहिए। यदि किसी स्तर पर अनधिकृत धन की मांग की गई है तो उसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इस मुद्दे को किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभियान के तौर पर नहीं, बल्कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के सवाल के रूप में उठाया जा रहा है।

इलाज और ऑपरेशन के नाम पर वसूली बंद करने की मांग
धरने में इलाज और ऑपरेशन के नाम पर कथित अनधिकृत वसूली को पूरी तरह बंद कराने की मांग रखी जाएगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों को पहले से स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि कौन-सी सेवा निशुल्क है और किस सेवा के लिए निर्धारित शुल्क लिया जाना है।
उनकी मांग है कि अस्पताल में शुल्क और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मरीजों और उनके परिजनों में किसी तरह का भ्रम न रहे।

अस्पताल की दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध कराने की मांग
धरने में अस्पताल में उपलब्ध आवश्यक दवाओं को मरीजों को अस्पताल से ही उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। आयोजकों का आरोप है कि कई बार मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने के लिए कहा जाता है।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि यदि कोई दवा अस्पताल के स्टॉक में उपलब्ध है तो उसे मरीज को अस्पताल से ही उपलब्ध कराया जाए। वहीं, जिन दवाओं की उपलब्धता नहीं है, उनके स्टॉक और उपलब्धता की स्थिति भी पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित की जाए, जिससे मरीज के परिजनों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अस्पताल में उपलब्ध जांचें अंदर ही कराने की मांग
इसी तरह अस्पताल में उपलब्ध जांचों के लिए मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी जांच केंद्रों पर भेजे जाने की शिकायतों को भी प्रदर्शन में उठाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि मेडिकल कॉलेज में जो जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं, उनका अधिकतम उपयोग मरीजों के हित में किया जाए।
उनका कहना है कि गरीब मरीजों के लिए निजी जांच केंद्रों का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इसलिए अस्पताल में उपलब्ध जांचों की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए और मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर भेजने की व्यवस्था पर रोक लगनी चाहिए।

नई बिल्डिंग में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
मरीजों की सुविधा के लिए नई बिल्डिंग में पर्याप्त पर्ची और रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित करने की मांग भी की गई है। इसके साथ ही डिजिटल अथवा QR कोड आधारित रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू करने की मांग रखी जाएगी।
आयोजकों का कहना है कि मरीजों और उनके परिजनों को रजिस्ट्रेशन के लिए पुरानी और नई बिल्डिंग के बीच भटकना पड़ता है। इससे खासकर बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को परेशानी होती है। उनका कहना है कि अस्पताल की पूरी व्यवस्था मरीज-केंद्रित होनी चाहिए।
बुजुर्ग और गंभीर मरीजों के लिए Help Desk की मांग
धरना-प्रदर्शन में बुजुर्ग, दिव्यांग और गंभीर मरीजों के लिए अलग सहायता काउंटर स्थापित करने की मांग भी रखी जाएगी। इसके अलावा मरीजों की शिकायतों के समाधान के लिए स्थायी और जवाबदेह Patient Help & Complaint Desk बनाने की मांग की गई है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मरीजों को अपनी समस्या बताने के लिए स्पष्ट और जिम्मेदार व्यवस्था मिलनी चाहिए। शिकायत दर्ज होने के बाद उसके निस्तारण की समयसीमा भी तय होनी चाहिए, ताकि शिकायतें केवल कागजों तक सीमित न रहें।

दलालों और अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों की भूमिका खत्म करने की मांग
अस्पताल परिसर में दलालों और अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों की भूमिका समाप्त करने की मांग भी प्रदर्शन के दौरान उठाई जाएगी। आयोजकों का कहना है कि मरीज और उनके परिजन पहले से ही बीमारी और आर्थिक परेशानी से जूझते हैं। ऐसे में किसी भी बाहरी व्यक्ति द्वारा उन्हें भ्रमित करने या आर्थिक लाभ लेने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
इसके साथ ही डॉक्टरों की ड्यूटी, अस्पताल में उपलब्ध जांचों तथा आवश्यक दवाओं के स्टॉक की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने से मरीजों का भरोसा मजबूत होगा और शिकायतों में भी कमी आएगी।
‘किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, व्यवस्था सुधार उद्देश्य’
पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ की ओर से कहा गया है कि इस धरना-प्रदर्शन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है। उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाना और मरीजों के अधिकारों की रक्षा करना है।

आयोजकों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा जनता का अधिकार है और गरीब मरीज की मजबूरी को किसी की कमाई का जरिया नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने जागरूक नागरिकों और साथियों से सोमवार सुबह 10 बजे बाबा कीनाराम स्वशासी मेडिकल कॉलेज, चंदौली पहुंचकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान उठाई जाने वाली मांगों में अनधिकृत वसूली की जांच, अस्पताल की दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं का समुचित उपयोग, रजिस्ट्रेशन व्यवस्था में सुधार, मरीज सहायता केंद्र की स्थापना, दलालों पर रोक और अस्पताल की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका संघर्ष किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए है जिसमें मरीज को सम्मान, पारदर्शिता और समय पर इलाज मिल सके।

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