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राष्ट्रप्रेम, सृजनशीलता और तिरंगे के सम्मान का मनोहारी संगम बनी रंगोली प्रतियोगिता

प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह, राष्ट्रहित से जुड़ने का किया आह्वान

चंदौली। 12 अगस्त 2026। सकलडीहा पी.जी. कॉलेज, सकलडीहा में बुधवार को ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता का भव्य एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), रोवर्स-रेंजर्स तथा महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए रंगों के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा, सृजनशील सोच और राष्ट्रभक्ति की भावनाओं को अभिव्यक्त किया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोलियों में तिरंगे की आन-बान-शान, राष्ट्रप्रेम, एकता, अखंडता और देश के प्रति कर्तव्यबोध को बेहद सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया। महाविद्यालय परिसर रंग-बिरंगी रंगोलियों, रचनात्मकता और देशभक्ति के भाव से सराबोर नजर आया। प्रतिभागियों ने अपनी कल्पनाशीलता के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति से जुड़े विभिन्न संदेशों को कलात्मक रूप दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय के आशीर्वचन एवं प्रेरक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ केवल एक अभियान नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान, गौरव और नागरिक उत्तरदायित्व की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में देशभक्ति की भावना मजबूत होने के साथ-साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित और सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम अधिकारी प्रो. दयाशंकर सिंह यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रंगोली की भारतीय सांस्कृतिक परंपरा, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के उद्देश्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि विचार, संस्कार और राष्ट्रचेतना को समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत रंगोलियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से देश के प्रति अपने भावों को प्रभावशाली तरीके से व्यक्त किया है।

प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ भाग लिया। रंगोली के विभिन्न डिजाइनों में राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के साथ देश की एकता और अखंडता का संदेश देखने को मिला। विद्यार्थियों ने अपनी कला के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि राष्ट्रध्वज केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देश के गौरव, स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. इंद्रदेव सिंह, प्रो. महेंद्र सिंह एवं प्रो. विजेंद्र सिंह सहित डॉ. सीता मिश्रा, डॉ. अमन मिश्रा एवं डॉ. वंदना कुमारी उपस्थित रहीं। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्याम लाल यादव एवं डॉ. योगेंद्र तिवारी भी अपने स्वयंसेवकों के साथ कार्यक्रम में मौजूद रहे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

रंगोली प्रतियोगिता के परिणाम
प्रतियोगिता के व्यक्तिगत वर्ग में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल द्वारा मूल्यांकन के बाद परिणाम घोषित किए गए।
प्रथम स्थान — तन्नू कुमारी, एम.ए. तृतीय सेमेस्टर
द्वितीय स्थान — डाली कुमारी, एम.ए. तृतीय सेमेस्टर
तृतीय स्थान — आकांक्षा यादव, एम.ए. प्रथम सेमेस्टर
चतुर्थ स्थान — चांदनी
परिणाम घोषित होने के बाद विजयी प्रतिभागियों के साथ ही प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिवार की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। आयोजन ने विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, रचनात्मकता और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को और मजबूत किया।

महाविद्यालय प्रशासन ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियान विद्यार्थियों को देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रीय प्रतीकों और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रंगोली प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल अपनी कला का प्रदर्शन किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम को रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज तक पहुंचाया जा सकता है।