स्वीट नाईट समेत पांच ब्रांड निशाने पर, अपंजीकृत रसायनों के इस्तेमाल को लेकर विभाग ने जारी की चेतावनी
चंदौली। जनपद में अवैध, अपंजीकृत और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मच्छर रोधी अगरबत्तियों की बिक्री, भंडारण और निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किराना दुकानदारों, कीटनाशी विक्रेताओं और पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटरों को ऐसे उत्पादों की बिक्री और भंडारण तत्काल बंद करने की चेतावनी दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान प्रतिबंधित अथवा अपंजीकृत रसायनों से युक्त मच्छर रोधी अगरबत्तियां पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि स्वीट नाईट, डायनासोर, श्री डेंगू किलर, स्लीपवेल और कम्फर्ट नाम से बाजार में उपलब्ध कुछ मच्छर रोधी अगरबत्तियों में अपंजीकृत कीटनाशी रसायनों के इस्तेमाल की शिकायत और जानकारी सामने आई है। इनमें विशेष रूप से डीमेफ्लूचिन और मेपेफ्लूथ्रिन जैसे रसायनों के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर विभाग ने चिंता जताई है। प्रशासन का कहना है कि बिना आवश्यक पंजीकरण और निर्धारित मानकों के ऐसे रसायनों का इस्तेमाल मानव स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
विभाग के अनुसार इन उत्पादों के संपर्क अथवा इनके धुएं के लगातार संपर्क में आने से कुछ लोगों में सांस लेने में परेशानी, अस्थमा संबंधी समस्या, आंखों में जलन, एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए ऐसे उत्पादों का धुआं परेशानी का कारण बन सकता है। हालांकि किसी उत्पाद के इस्तेमाल से होने वाले प्रभाव व्यक्ति की संवेदनशीलता और संपर्क की मात्रा पर निर्भर कर सकते हैं।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने जिले के सभी संबंधित व्यापारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में उपलब्ध मच्छर रोधी अगरबत्तियों और अन्य कीटनाशी उत्पादों की जांच कर लें। जिन उत्पादों के पंजीकरण, निर्माण अथवा रसायन संबंधी जानकारी को लेकर संदेह हो, उनकी बिक्री और भंडारण नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि दुकानदार केवल निर्धारित मानकों और वैध पंजीकरण वाले उत्पादों की ही बिक्री करें।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि मच्छर रोधी उत्पाद सामान्य घरेलू उपयोग की वस्तु होने के कारण बाजार में आसानी से उपलब्ध होते हैं, लेकिन यदि उनमें कीटनाशी रसायनों का इस्तेमाल किया गया है तो उनके निर्माण, बिक्री और उपयोग से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। बिना अनुमति या पंजीकरण के कीटनाशी रसायनों का इस्तेमाल कर तैयार किए गए उत्पादों को बाजार में बेचने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
जिला कृषि अधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में ऐसे उत्पादों की निगरानी बढ़ाई जा रही है। कृषि विभाग की टीमों द्वारा बाजारों और संबंधित प्रतिष्ठानों में जांच की जा सकती है। जांच के दौरान यदि किसी दुकान, गोदाम या अन्य प्रतिष्ठान में निर्धारित मानकों के विपरीत उत्पाद पाए जाते हैं तो उन्हें जब्त करने के साथ संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने सभी किराना दुकानदारों, कीटनाशी विक्रेताओं और पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटरों से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध या अपंजीकृत मच्छर रोधी उत्पाद का कारोबार न करें। व्यापारियों से यह भी कहा गया है कि वे खरीद के समय उत्पाद के लेबल, पंजीकरण और निर्माता से संबंधित विवरणों की जांच अवश्य करें, ताकि बाद में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की स्थिति उत्पन्न न हो।
प्रशासन ने आम लोगों से भी सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि बाजार से मच्छर रोधी अगरबत्ती या अन्य कीटनाशी उत्पाद खरीदते समय उसके पैकेट पर दर्ज निर्माता, रसायन, पंजीकरण और उपयोग संबंधी जानकारी को ध्यान से पढ़ें। यदि किसी उत्पाद पर आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है या उसकी वैधता को लेकर संदेह है तो उसका इस्तेमाल करने से बचें।
अधिकारियों का कहना है कि मच्छरों से बचाव के लिए उपयोग किए जाने वाले उत्पादों का उद्देश्य लोगों को राहत पहुंचाना है, लेकिन अनधिकृत रसायनों वाले उत्पाद स्वास्थ्य के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को केवल विश्वसनीय और निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पादों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
जिला कृषि अधिकारी ने चेतावनी दी कि कीटनाशी अधिनियम-1968 और कीटनाशी नियमावली-1971 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विक्रेता या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मच्छर रोधी अगरबत्तियों की बिक्री करने वाले दुकानदारों में भी सतर्कता बढ़ने की संभावना है। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में बाजारों में ऐसे उत्पादों की जांच और निगरानी जारी रह सकती है। अधिकारियों ने व्यापारियों से नियमों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं से स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की अपील की है।