चंदौली। अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली चंदौली पुलिस ने फगुईया नहर पुलिया के पास कार्रवाई करते हुए 36 लीटर अवैध देशी शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर की गई कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से 180 पाउच ब्लू लाइम देशी मसाला शराब बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बर्थरा खुर्द निवासी रतन पाण्डेय पुत्र स्वर्गीय राम चन्द्र पाण्डेय, उम्र करीब 50 वर्ष, के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने शराब को ऊंचे दामों पर बेचने और अपने साथी की दुकान पर आपूर्ति के लिए ले जाने की बात स्वीकार की है।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर कोतवाली चंदौली में मुकदमा अपराध संख्या 456/2026 के तहत धारा 60 आबकारी अधिनियम में अभियोग दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
एक गिरफ्तारी से आगे बढ़ेगी जांच?
पुलिस की कार्रवाई में अवैध शराब की एक खेप जरूर पकड़ी गई है, लेकिन अब अहम सवाल यह है कि क्या जांच इस गिरफ्तारी तक सीमित रहेगी या शराब की आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क तक पहुंचेगी। खासकर तब, जब पुलिस के अनुसार आरोपी ने शराब को एक साथी की दुकान पर पहुंचाने की बात कही है।
जांच के दौरान यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी, इसे किससे खरीदा गया और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। यदि पुलिस इन कड़ियों को जोड़ने में सफल रहती है तो अवैध शराब के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जा सकती है।
अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा
जिले में अवैध शराब की बिक्री और आपूर्ति को लेकर समय-समय पर स्थानीय स्तर पर चर्चाएं सामने आती रही हैं। कुछ स्थानों पर चोरी-छिपे शराब की बिक्री किए जाने की बातें भी कही जाती हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसी तरह अवैध शराब समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर संरक्षण या पुलिस की कथित मिलीभगत को लेकर भी आरोप लगाए जाते रहे हैं। इन आरोपों की पुलिस की ओर से कोई पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इनकी वास्तविकता जांच का विषय है। यदि कहीं लंबे समय से अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो यह भी जांच का विषय है कि संबंधित तंत्र तक इसकी सूचना क्यों नहीं पहुंची या कार्रवाई में देरी क्यों हुई।
सप्लाई चेन तक पहुंचना होगी असली कामयाबी
जानकारों के मुताबिक अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी रोक के लिए केवल शराब बरामद कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं है। सप्लायर से लेकर परिवहन और बिक्री तक पूरी कड़ी की जांच होने पर ही नेटवर्क की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है। क्या संबंधित दुकान और शराब की आपूर्ति के स्रोत की जांच की जाती है या मामला केवल बरामदगी और मुकदमे तक सीमित रह जाता है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर पाण्डेय, उपनिरीक्षक राजेश कुमार और हेड कांस्टेबल सतीश चन्द्र यादव शामिल रहे। पुलिस ने बरामद 180 पाउच यानी कुल 36 लीटर शराब को कब्जे में ले लिया है।