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चकरघट्टा पुलिस ने दुकान पर शांतिपूर्ण बैठे लोगों को बेंतों से पीटा, कान पकड़वाकर कराई उठक-बैठक; अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर किया अमानवीय व्यवहार

27 लोगों को नियम उल्लंघन में किया चालान, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष ने एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की

चंदौली। चकरघट्टा थाना पुलिस की मंगलवार को की गई कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान शराब के नशे में मिले 27 लोगों के खिलाफ धारा 292 बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उनका चालान किया। पुलिस इसे शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई नियमानुसार कार्रवाई बता रही है। वहीं, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानों पर शांतिपूर्ण बैठे लोगों के साथ कथित तौर पर बेंतों से मारपीट की गई, कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराई गई और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने राहगीरों को भी कथित रूप से बेवजह पकड़कर कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है।

भीम आर्मी जिलाध्यक्ष का कहना है कि मंगलवार को हुई कार्रवाई में जिन 27 लोगों का चालान किया गया है, उनमें अधिकांश गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़े बताए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि ये लोग दिनभर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने से पहले पूरे मामले की परिस्थितियों को निष्पक्ष तरीके से देखना जरूरी है।

रामचंद्र राम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन करता है या नशे की हालत में कानून व्यवस्था प्रभावित करता है तो पुलिस को उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार है। लेकिन कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति के साथ मारपीट, अपमानजनक व्यवहार अथवा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप गंभीर है। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना भी पुलिस की जिम्मेदारी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दुकानों पर शांतिपूर्ण बैठे थे, लेकिन उन्हें भी कथित रूप से कार्रवाई की जद में लिया गया। आरोप है कि कुछ लोगों को कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराई गई तथा बेंतों से पीटा गया। इसके अलावा अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस ने बताया कानून व्यवस्था का अभियान

चकरघट्टा थानाध्यक्ष महेश कुमार सिंह के अनुसार, थाना क्षेत्र के सार्वजनिक मार्गों और अन्य स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान शराब के नशे में अनावश्यक रूप से घूमते पाए गए लोगों के खिलाफ धारा 292 बीएनएस के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई। कुल 27 लोगों का चालान किया गया।

पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब का सेवन अथवा नशे की हालत में घूमने से कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे शांति एवं कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी को देखते हुए समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाया जाता है। पुलिस के अनुसार मंगलवार की कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा थी।

पुलिस का यह भी कहना है कि कार्रवाई किसी व्यक्ति या वर्ग विशेष को निशाना बनाकर नहीं की गई, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाया गया है। अभियान आगे भी जारी रहने की बात पुलिस ने कही है।

समान कार्रवाई की मांग

भीम आर्मी जिलाध्यक्ष रामचंद्र राम ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है तो समाज के सभी वर्गों के लोगों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून गरीब और अमीर, मजदूर और प्रभावशाली सभी के लिए बराबर होना चाहिए।

उन्होंने पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि 27 लोगों के खिलाफ कार्रवाई किन परिस्थितियों में हुई और क्या सभी मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया।

उन्होंने कथित मारपीट, उठक-बैठक कराने और अपमानजनक शब्दों के प्रयोग के आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है। यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।



फिलहाल पुलिस कार्रवाई को कानून व्यवस्था के लिए जरूरी बता रही है, जबकि भीम आर्मी ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं। बेंत से पिटाई, कान पकड़वाकर उठक-बैठक कराने, अपमानजनक शब्दों के प्रयोग और राहगीरों को बेवजह पकड़ने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मंगलवार की कार्रवाई के दौरान वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं और पुलिस की कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप थी या नहीं।