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मेरठ: सोशल फाउंडेशन की पहल, नूर नगर में खुली ‘अपनी लाइब्रेरी’

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क किताबें और सुविधाएं, जल्द कंप्यूटर और सीसीटीवी से होगी लैस

मेरठ, 7 सितंबर। ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में सोशल फाउंडेशन ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था ने अपने प्रोजेक्ट ‘अपना गांव : सर्वांगीण विकास मिशन’ के तहत मेरठ जिले के नूर नगर गांव में ‘अपनी लाइब्रेरी’ की शुरुआत की है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को निःशुल्क किताबें और अध्ययन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आने वाले दिनों में लाइब्रेरी को कंप्यूटर और सीसीटीवी कैमरों से भी लैस किया जाएगा।

नूर नगर स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, समाजसेवियों, गांव के वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी में फीता काटकर लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारी, शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सोशल फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार ने कहा कि संस्था समाज के सर्वांगीण विकास के लिए जमीनी स्तर पर लगातार काम कर रही है। शिक्षा किसी भी समाज के विकास की बुनियाद है। इसी सोच के तहत नूर नगर में ‘अपनी लाइब्रेरी’ शुरू की गई है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी महसूस न हो।

उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें और अन्य अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इससे गांव और आसपास के क्षेत्रों के छात्रों को शांत और बेहतर वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रयास है कि इस तरह की लाइब्रेरी मेरठ जिले के अन्य गांवों में भी शुरू की जाए, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।

धर्मेन्द्र कुमार ने ‘अपनी लाइब्रेरी’ की स्थापना में सहयोग करने वाले लोगों का आभार जताया। उन्होंने बताया कि सोशल फाउंडेशन के उपाध्यक्ष सुनील कुमार, धर्मेन्द्र कुमार (सहायक विकास अधिकारी सहकारिता, हापुड़) समेत नूर नगर के वरिष्ठ नागरिकों के सहयोग से यह पहल आकार ले सकी है।

कार्यक्रम में मौजूद बदायूं के अपर जिलाधिकारी रामकेश धामा ने सोशल फाउंडेशन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान अध्ययन सामग्री और उचित वातावरण की आवश्यकता होती है। गांव में लाइब्रेरी खुलने से ऐसे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर विभिन्न प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचे लोगों को भी अपने गांव और समाज के विकास में योगदान देना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

सोशल फाउंडेशन के महासचिव नवीन कुमार ने बताया कि लाइब्रेरी को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही यहां कंप्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा फॉर्म भरने, सरकारी एवं शैक्षिक पोर्टल का उपयोग करने तथा अन्य डिजिटल कार्यों में सुविधा मिलेगी। लाइब्रेरी में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो सके।

कार्यक्रम में मौजूद अन्य अतिथियों ने भी शिक्षा के महत्व पर अपने विचार रखे। उन्होंने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन के लिए प्रेरित किया। वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विद्यार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया।

इस अवसर पर लाइब्रेरी के संसाधन बढ़ाने के लिए अतिथियों की ओर से आर्थिक सहयोग भी दिया गया। सोशल फाउंडेशन ने कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों के साथ ‘अपनी लाइब्रेरी’ में अध्ययन करने वाले कई मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि लाइब्रेरी का उद्देश्य केवल किताबें उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल और मार्गदर्शन देना भी है।

कार्यक्रम का संचालन ‘अपनी लाइब्रेरी’ के मार्गदर्शक एवं नूर नगर निवासी धर्मेन्द्र कुमार (एडीओ सहकारिता, हापुड़) ने किया। उन्होंने लाइब्रेरी के संचालन में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

अतिथियों की ओर से दिए गए आर्थिक सहयोग के लिए सोशल फाउंडेशन के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार, महासचिव नवीन कुमार, ‘अपनी लाइब्रेरी’ के को-ऑर्डिनेटर एवं संस्था के उपाध्यक्ष सुनील कुमार, सचिव जोधा सिंह, लाइब्रेरी में अध्ययनरत छात्रों और ग्रामीणों ने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में नूर नगर के वरिष्ठ नागरिक बाबू राम, ओमप्रकाश, धरमवीर (पूर्व पार्षद), शिक्षक नरेश कुमार, जतिन लिसाड़ी, रवि कुमार, जीतेन्द्र कुमार, जॉनी और देवांग समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लाइब्रेरी में अध्ययनरत राहुल, मनीष पिलानिया, राहुल कुमार, प्रवीन कुमार, किशन लाल, अजय कुमार, विकास कुमार, अनुज कुमार और अमन समेत अन्य छात्र भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

सोशल फाउंडेशन की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्र के उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी तैयारी या अध्ययन सामग्री का खर्च वहन नहीं कर पाते। ‘अपनी लाइब्रेरी’ उनके लिए पढ़ाई का ऐसा मंच उपलब्ध करा सकती है, जहां वे निःशुल्क संसाधनों के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेंगे।