32 वर्षों से अधिक का रेल प्रशासन और इंजीनियरिंग अनुभव, संरक्षा व परिचालन दक्षता बढ़ाने पर रहेगा जोर
हाजीपुर, 1 सितंबर। पूर्व मध्य रेल को नया महाप्रबंधक मिल गया है। भारतीय रेल यांत्रिक इंजीनियरिंग सेवा के 1990 बैच के वरिष्ठ अधिकारी श्री डिम्पी गर्ग ने मंगलवार को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक का पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालने से पहले वह उत्तर रेलवे, नई दिल्ली में प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता के रूप में कार्यरत थे।
श्री गर्ग को रेलवे के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 32 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने रेलवे के बुनियादी ढांचे, रोलिंग स्टॉक, परिचालन, संरक्षा, योजना निर्माण और प्रशासन से जुड़े दायित्वों का निर्वहन किया है। उनके अनुभव को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के परिचालन और संरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
एससीआरए के जरिए रेलवे में प्रवेश, बैच के टॉपर रहे
श्री डिम्पी गर्ग ने स्पेशल क्लास रेलवे अप्रेंटिसशिप (एससीआरए) के माध्यम से भारतीय रेल सेवा में प्रवेश किया था। वह अपने बैच के टॉपर रहे और गोल्ड मेडल हासिल किया। उन्होंने पश्चिम रेलवे के आबू रोड में एएमई/डीजल के रूप में रेल सेवा की शुरुआत की। इसके बाद उत्तर रेलवे और रेलवे बोर्ड में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।
उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल में उन्होंने वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता, अपर मंडल रेल प्रबंधक और मंडल रेल प्रबंधक जैसे पदों की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा उत्तर रेलवे मुख्यालय में प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी तथा प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता के पद पर भी कार्य किया।
रेलवे के केंद्रीय स्तर पर भी श्री गर्ग ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वह रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) में अपर महाप्रबंधक तथा रेलवे बोर्ड में कार्यकारी निदेशक/कोचिंग और कार्यकारी निदेशक/संरक्षा जैसे पदों पर रहे।
मुंबई सेंट्रल कोचिंग डिपो को दिलाया आईएसओ प्रमाणन
श्री गर्ग के सेवाकाल में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज हैं। वर्ष 2001 में सीडीओ/मुंबई सेंट्रल के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने मुंबई सेंट्रल कोचिंग डिपो के आधुनिकीकरण और व्यवस्था सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके योगदान से यह भारतीय रेलवे का पहला कोचिंग डिपो बना, जिसे आईएसओ 9002 प्रमाणन प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि के लिए उन्हें जीएम अवार्ड से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2007 में रेलवे बोर्ड में डायरेक्टर प्लानिंग (एमई) के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने रोलिंग स्टॉक की जरूरतों के आकलन और वार्षिक योजना तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके लिए उन्हें तत्कालीन रेल मंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया।
देश-विदेश में रेलवे तकनीक का हासिल किया अनुभव
श्री गर्ग ने रेलवे इंजीनियरिंग और प्रबंधन के क्षेत्र में उच्च प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। उन्होंने ईरमी, जमालपुर से यांत्रिक इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इसके अलावा इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स इंडिया, कोलकाता और इंजीनियरिंग काउंसिल, लंदन से मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त की।
रेलवे की आधुनिक तकनीक और संरक्षा से जुड़े विषयों पर उन्होंने जर्मनी और स्विट्जरलैंड में एलएचबी कोच मेंटेनेंस का प्रशिक्षण लिया। स्वीडन में इंटरनेशनल हेवी हॉल एसोसिएशन द्वारा आयोजित व्हील-रेल इंटरेक्शन कोर्स में भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही आईआईएम अहमदाबाद और विश्व बैंक के फ्रंटियर्स इन इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कोर्स में भाग लेकर बुनियादी ढांचा वित्त से जुड़े विषयों की जानकारी हासिल की।
पूर्व मध्य रेल में नई जिम्मेदारी
पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक के रूप में श्री गर्ग के सामने परिचालनिक दक्षता, संरक्षा, आधारभूत ढांचे के विकास और रेलवे सेवाओं को बेहतर बनाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। यांत्रिक इंजीनियरिंग, परिचालन और रेलवे प्रशासन में उनके व्यापक अनुभव को पूर्व मध्य रेल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारी के रूप में उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से पूर्व मध्य रेल के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यों को गति मिलने तथा संरक्षा मानकों को और मजबूत किए जाने की उम्मीद है।