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लाखों की जेवर तमंचा व नगदी के साथ पकड़ाया नटवरलाल,पुलिस नें भेजा जेल

वाराणसी सहित विभिन्न जिलों में ठगी का मुकदमा है दर्ज

चार साल की सजा काटकर लौटने के बाद पुन: ठगी का शुरू किया काम

रिपोर्ट! संजय कुमार दिनकर 

चन्दौली,
सकलडीहा l वाराणसी और चंदौली जिले में महिलाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जालसाज नटवरलाल को धानापुर पुलिस ने धानापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गये नटवरलाल के पास से 43 हजार नगदी तमंचा और करीब ढ़ाई लाख के आभूषण के साथ बाइक बरामद किया गया है। बुधवार को सीओ कार्यालय में जालसाज को पेश किया गया। जहां से सीओ राजेश कुमार राय द्वारा पूछताथ के बाद जेल भेज दिया गया। पकड़ा गया आरोपी चार साल की जेल की सजा काटकर बाहर घूम रहा था।

सूरज शमीम उर्फ सूरज यादव उर्फ बबलू उर्फ मुमताज वाराणसी के मडुवाडीह डीएलडब्ल्यू जलाली पट्टी निवासी है। वर्तमान में बलुआ थाना क्षेत्र के निधौरा अपने ससुराल में रहता था। आरोप है कि महिलाओं के आभूषण देखकर उन्हें पैर छूकर आर्शिवाद लेते हुए झांसे में ले लेता था। फिर नौकरी दिलाने के नाम पर सारे आभूषण उतरवाकर रफ्फू चक्कर हो जाता था।

 बीते तीन नवंबर को धानापुर के पूराचेता दूबेपुर की निवासी उमरावती देवी को सकलडीहा कचहरी में नौकरी दिलाने के नाम पर सारा आभूषण लेकर फरार होगया था। पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी बीच मुखबीर की सूचना पर आरोपी को धानापुर क्षेत्र के एक स्कूल के समीप से अपाचे गाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया।


 पकड़े गये आरोपी के पास से एक देशी तमंचा, एक अदद जिंदा कारतूस और 43 हजार नगदी सहित करीब ढ़ाई लाख के आभूषण बरामद किया है। सीओ राजेश कुमार राय ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी शातिर किस्म का जालसाज है। नौकरी दिलाने के नाम पर महिलाओं को गुमराह कर विश्वास में लेते हुए सारे आभूषण चुराकर भाग जाता था। इसके खिलाफ सकलडीहा कोतवाली से लेकर वाराणसी में कई मुकदमा दर्ज है। गिरफ्तारी टीम में एसओ प्रशांत सिंह, दरोगा शिवबाबू यादव राकेश यादव,सिपाही ओमप्रकाश प्रचेता, सर्वेश व प्रियेश रहे।


गरीब बनाकर खड़ा करता था और गरीब बनाकर चला जाता था

जालसाज नटवरलाल सूरज शमीम कभी कमिश्नरी कार्यालय, तो कभी रेलवे तो कभी तहसील में नौकरी दिलाने के नाम पर महिलाओं का आभू्षण उतरवा देता था। कहता था कि गरीब बनकर चलेगी तो अधिकारी भी रहम करेगा। इस लिये सारे आभूषण निकलवाकर एक बैग में रखवाता था। बाद में जांच के नाम पर स्वंय अपने पास रख लेता था। फिर चकमा देकर रफ्फु चक्कर हो जाता था। इसका आंतक इतना था कि सारनाथ, कैंट, लंका, कोतवाी काशी कमिश्नरेट की पुलिस परेशान हो जाती थी। धानापुर पुलिस की सकि्रयाता से एक बार पुन: जालसाज के गिरफ्तार होने पर क्राइम ब्रांच से लेकर पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस लिया।

नौ साल पहले दर्ज हुआ था पहली मुकदमा
जालसाज के खिलाफ पहली बार 2015 में लंका थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। वर्ष 2017 में कैंट वरूण कमिशनरेट वर्ष् 2023 में काशी कोतवाली, सकलडीहा, सारनाथ और धानापुर में दर्ज हुआ था मुकदमा । चंदौली पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जालसाज को गिरफ्तार करने के लिये टीम गठित किया गया था।

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