रिपोर्ट ! संजय कुमार दिनकर
चंदौली - चंदौली में बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी के 68 वें परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय अनुसूचित/अनु जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन जनपद चंदौली इकाई की ओर से श्रद्धांजलि सभा एवं डॉक्टर अंबेडकर मिशन और भारतीय समाज विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि अबाजका के राष्ट्रीय महासचिव आईआरएस बुद्धमित्र मुसाफिर ने कहां कि बाबा साहब लाखों मीटिंग, बैठकें करते रहे तथा लोगों को जागृत करते रहे इस लिए हमें समय - समय पर इस तरह के सेमिनार अथवा बैठकें करते रहना चाहिए। बाबा साहब का मानना था कि राजनीतिक अधिकारों से सामाजिक एवं अन्य समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
इसलिए हमें राजनीतिक अधिकारों के लिए हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए। साथ ही सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। अपने सम्मान के साथ कोई भी समझौता नहीं करना है। जिल्लत की जिंदगी जीने से बेहतर है एक पल की सम्मान की जिंदगी। बाबा साहब हमारे मान सम्मान की लड़ाई लग रहे थे जिसका परिणाम है कि आज हम गरिमा के साथ देश में रहते हैं।
बाबा साहब कहते हैं कि हमें बुद्धिजीवी बनना है और बुद्धिजीवी हर वह व्यक्ति है जिसमे निर्णय लेने की, सलाह देने की और नेतृत्व करने की क्षमता हो। अगर हम इन तीन क्षमताओं का विकास कर लिया तो निश्चित है कि हम अपनी लड़ाई सफलता पूर्वक लड़ सकते हैं। मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए अजय कुमार सुमन ने कहां कि आज बाबा साहब ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं जब समाज सामाजिक विसंगतियों से जूझ रहा है।
आज बाबा साहब पूरी दुनियां के लिए भी प्रासंगिक हैं। बाबा साहब के आदर्शों और सिद्धांतों पर चलने के लिए पूरा विश्व कटिबद्ध है। अंबेडकरवाद दुनियां की सर्वश्रेष्ठ विकसित विचारधारा है। हमें गर्व है कि हम अंबेडकरवादी हैं। बाबा साहब हमारी सभी समस्याओं के समाधानकर्ता थे।
ब्लाक परिसर के कार्यक्रम स्थल पर दिनेश चन्द्र, पूर्व वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी , रेल मंडल डीडीयू को अनुपस्थित पाकर लोग चर्चा करते रहे। विदित हो कि दलित समाज मे मोटिवेटर के रूप में पहचान बना चुके दिनेश चन्द्र जी अपने ओजस्वी भाषण के चलते आकर्षण के केंद्र बिंदु हुआ करते थे।
इस अवसर पर विशेष रूप से विनोद, रवि, शशि, चंद्रभानु, मनोज, जयप्रकाश, रामकृत, इंदल, रामअवतार, मोती, गिरीश, धर्मेंद्र, डॉक्टर विजय कुमारी, विजयलक्षी, अनिल, किशोर कुमार, महेंद्र प्रधान, वसीम भाई, महंगी राम, भिक्खिराम गौतम, नीरज, विनीत, प्रमोद नवीन, विजय, कविंद्र, संजय कन्नौजिया, संजीत भारती, राजू अंबेडकर, सरोज कुमार, रंजीत, अरविंद, सुरेश अकेला, अजय, प्रमिला, राधेश्याम, आदि लोग उपस्थित रहे। संचालन अध्यक्ष महेंद्र कुमार ने किया।
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