सटीक संवाद,लखनऊ । कोहरे और गलन भरी शीतलहर ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित कर रखा है । जनवरी माह में पड़ रही हाड़ कपाने वाली ठंड ने लोगों को घरों में दुबके रहने को विवश कर दिया है। रोज कमाने खाने वालों का जीवन तो और बेहाल हो गया है। शिशुओं की देखभाल मुश्किल हो रहा है। मानव से लेकर पशु पक्षी तक गर्म ठिकाने खोजने लगे हैं। स्टेशनों पर यात्री ट्रेनों के इंतजार में ठिठुर रहे हैं। अलाव, हीटर, गीजर,कोयला आदि की मांग बढ़ गई है।
शासन के आदेश के बाद भी चट्टी चौराहों पर अलाव की उत्तम व्यवस्था नहीं होने से राहगीरों और ग्रामीणों में काफी आक्रोश दिख रहा है l जगहों जगहों पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैँ l ठंड से रोजी रोजगार पर भी बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण इलाके ठंड की चपेट में हैं।
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मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। ठण्ड के बाद अब कोहरा भी कोहराम मचाने लगा है। बुधवार शाम कोहरा व कड़ाके की ठंड से लोग सहम उठे। बस अड्डों व सार्वजनिक स्थलों पर लोग ठिठुरते दिखे। कोहरा छाये रहने से दृश्यता भी काफी घट गई। इससे जनजीवन पर असर पड़ा। सूरज निकलने के बाद भी कोहरा तो छंटा, पर ठंड से राहत नहीं मिली। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश व ठंड बढ़ने की आशंका जताई है।
जनवरी माह बीतने को है। ऐसे में कोहरा व धुंध रोजाना ही जनजीवन को अपने आगोश में ले लेता है। अब ठंड अपने शबाब पर पहुंचने लगी है। मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग कड़ाके की ठंड से ठिठक कर रह गए। जैसे-तैसे लौटकर आए। दअरसल, उत्तराखंड व हिमाचल में जबरदस्त ठंड और बर्फीली हवा चल रही हैं।
इसका असर यहां भी दिखने लगा है। रात्रि में हाईवे पर दृश्यता कम होने के चलते वाहनों की रफ्तार थमने लगी है। कोहरे के चलते चालक आगे बढ़ने के लिए एक दूसरे वाहन की मदद ले रहे हैं। शहर के अंदर भी लोगों को कोहरे से परेशानी झेलनी पड़ रही है। वाहन चालक लाइट जलाकर गंतव्य पर पहुंचते दिखे।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों में बूंदाबांदी या बारिश की आशंका है ।ठंड बढ़ने से क्षेत्र के किसानों को काफी लाभ रहेगा। कृषि जानकारों का कहना है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है। वैसे इसका लाभ गेहूं, चना के साथ-साथ सरसों में भी फायदा रहता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन तीनों ही फसलों के लिए मौसम अनुकूल रहेगा।
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