Hot Posts

6/recent/ticker-posts

शिक्षा मानव समाज के दैनिक स्थितियों और घटकों की प्रतिपूर्ति है -फूलचंद

चंदौली,
चकिया l क्षेत्र के शिकारगंज मुड़हुवा दक्षिणी (संत रविदास मंदिर) और जागेश्वर धाम मंदिर के मनरेगा पार्क हेतिमपुर में पंचायत की पाठशाला कार्यक्रम के तत्वावधान में शैक्षिक,सामाजिक एवं आर्थिक जागरूकता को लेकर रविवार को सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर चयनित छात्र/ छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप प्रतियोगी पाठ्य-पुस्तकों(जैसे - नवोदय विद्यालय, सी॰एच॰एस॰, राष्ट्रीय छात्रवृति परीक्षा इत्यादि) व शिक्षण सामग्री का वितरण किया गया l वहीं शिक्षा में ज्ञान, उचित आचरण और तकनीकी दक्षता, आदि पर बुद्ध, रैदास, कबीर, फुले ज्योतिवा डॉ अम्बेडकर के विचारों को प्रमुखता से दोहराया गया l

पंचायत की पाठशाला कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि फूलचंद ने कहा कि शिक्षा ज्ञान, सदाचार, आचरण,कौशल और चारित्रिक गुणों का संचरण है l बचपन की शिक्षा , प्राथमिक शिक्षा ,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा के तद्भव विकास के सम्पूर्ण स्रोतों को एक पुष्प की माले की संज्ञा दिया l उन्होंने कहा कि संगठन की आवश्यकता नहीं है संगठित होना जरुरी है l संगठित समाज ही एक शिक्षित होने का पर्याय है l

वहीं मुख्य वक्ता राम हरख चौधरी ने कहा आज लोग धर्म को बढ़ावा दे रहे है विद्यालय खोलने के वजाय मंदिरों पर सारे धन खर्च कर रहे है l जबकि मानव विकास की सम्पूर्ण प्रतिपूर्ति शिक्षा के दरवाज़े से ही गुजरेगी l शिक्षा नहीं तो मूल नहीं l हर असंभव को संभव शिक्षा की धार पर ही किया जा सकता है l शिक्षा से ही रोटी कपड़ा और मकान एवं स्वास्थ्य सम्मान सबकी प्रतिपूर्ति हो जायेगी l

 विशिष्ट वक्ता गणेश प्रसाद ने जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिक्षा के विना मानव मानव नहीं जानवर से भी बदतर है l समाज मेें शिक्षित व्यक्ति की छवि और इज्जत अलग ही होती है। समाज शिक्षित व्यक्ति को इज्जत की नजरों से देखता है। उच्च शिक्षा पाकर एक इंसान डाॅक्टर, इंजीनियर, साइंटिस्ट, टीचर आदि के रोल को बेखूबी से निभा लेता हैं। आज हमारे जीवन में जितनी भी तकनीकी सुविधाएं हैं वह सब शिक्षा से उपजी है। शिक्षित व्यक्ति अपने पूरे जीवन में वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर रहता है। उसे वित्तीय संकट का सामना नहीं करना पड़ता है। 

पंचायत की पाठशाला में राधेश्याम(वरिष्ठ समाज सेवी),रामाश्रय प्रसाद, त्रिलोकी नाथ अरुण कुमार, कन्हैया कुमार, मृतुन्जय कुमार समाजसेवी ग्रामीण छात्र छात्राएं व उनके अभिभावकगण उपस्थित रहे l

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ