चंदौली
धीना l क्षेत्र के अमड़ा गांव में लार्ड बुद्धा डॉ. अम्बेडकर सेवा समिति के तत्वाधान में रविवार को प्रतिनिधित्व आरक्षण उसका संरक्षण तथा हम सबका दायित्व कार्यक्रम में रोटी कपड़ा और मकान एवं स्वास्थ्य शिक्षा और सम्मान की प्रतिपूर्ति के संबंध में एक दिवसीय शिविर कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्वप्रथम गौतम बुद्ध और डॉ अम्बेडकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि अर्जुन आर्या द्वारा किया गया l वहीं उन्होंने बुद्ध, फुले, पेरियार, रैदास कबीर और डॉ. अम्बेडकर द्वारा रूढ़िवादी विचारों पर किया गया तार्किक प्रहार को शेष पटल के पायदान पर रखकर शिक्षा को मूल हथियार बनाकर संगठित होकर अपना अस्तित्व और हक लेने का मंत्र बताया गया l
उन्होंने कहा हमारे मूलनिवासी समाज का कमजोर होने का एक ही वजह है, और वह है जातीय संगठन l जरिये जातिगत पार्टी बनाकर छोटे छोटे गुटों में बिखर जाना सत्ता शासन से दूर रहने और अपने अधिकार के लिए सदियों से लड़ते रहने का सबसे बड़ा गुनाह है l जिस दिन जातिय संगठन के लोग स्वार्थ से ऊपर उठकर संगठित हो जायेंगे उनके हाथों में सबकुछ होगा और वह तभी संभव है जब हम शिक्षित होंगे l शिक्षा नौकरी पेशा के तौर पर हो न हो पर शिक्षित बनने के उद्देश्य से ग्रहण की जाय तो आने वाला कल बेहतरीन होगा l
मुख्य वक्ता दिनेश चंद्रा ने कहा युवाओं में नशे की बढ़ती लत उनके अशिक्षित होने,जीवन स्तर का दिन प्रतिदिन गिरता जाना का जिवंत उदाहरण है जिससे आने वाली पीढ़ियों का जीवन बद से बदतर बनता जा रहा है l उनके मेहनतकश होने का भरपूर लाभ लिया जा रहा है l महिलाएं पुरुषों के नशे का शिकार होने से बचायें, बच्चों को पढ़ाएं, शिक्षा से बच्चे डॉक्टर, इंजिनियर,एसपी, डीएम,बनकर भविष्य में आने वाले अच्छे या बुरे सभी परिस्थितियों को आसानी से संभाल सकते हैं l अर्थात शिक्षा हमें किसी भी चीज़ के बारे में ज्ञान प्रदान करती है और शारीरिक व्यक्तित्व और मानसिक शक्ति के साथ-साथ हमारी जीवन शैली को बेहतर बनाती है।
वहीं समिति के प्रदेश सचिव मु0जोखू सिद्दीकी ने कहा आज लोकतंत्र ख़तरे में है. भारत भर में लोक लुभावन नेताओं की बढ़ती लहर से लोकतांत्रिक स्व-शासन की मूल संरचनाओं को नष्ट किया जा रहा है l भारतीय संविधान में दलित पिछड़ा और अल्पसंख्यक का दिया गया अधिकार समाप्त किया जा रहा है l धर्म की राजनीति करके संविधान पर सीधा प्रहार किया जा रहा है l आज लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए दलित पिछड़ा और अल्पसंख्यक समाज को संगठित होना पड़ेगा और अपनी भाग्य का निर्माण खुद करना होगा l देश अब तानाशाह लोगों के हाथों में चला गया है जो मनमाने रवैये से हुकमराम बने है । जिस दिन हमारा समाज मुफ्त की चीजें लेना बन्द कर देगा आत्मनिर्भर बनने की ठान लेगा l वह दिन दूर नहीं होगा जिसके लिए हम सदियों से लड़ते आ रहे है l उसके लिए सर्वप्रथम हमें शिक्षित बनना बेहद जरुरी है l क्योंकि शिक्षा के प्रादुर्भाव में उक्त के बारे में सोचना मुमकिन नहीं है l
इस अवसर पर आनन्द कुमार पूर्व बैंक मैनेजर काशी ग्रामीण बैंक, वीरेंद्र कुमार भारती पूर्व बैंक मैनेजर काशी ग्रामीण बैंक, सुहेल अहमद, महावीर प्रसाद, अलाउद्दीन जख्मी, हाफिज अली, हरिद्वार,टेंगरी, संग्राम, छोटू, शशिकांत, रामअवतार, विपिन, बिहारी, मनीष कुमार, रामायण राम, अशोक कुमार, संजीव कुमार, ने संबल प्रदान किया l कार्यक्रम की अध्यक्षता सीताराम और संचालन विजय कुमार ने किया
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