नई दिल्ली lचुनाव आयोग ने शनिवार को लोकसभा चुनाव से संबंधित तारीखों का ऐलान कर दिया है इसके साथ ही पूरे देश में आचार संहिता भी लागू हो गई है और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक बरकरार रहेगी आचार संहिता लगने के बाद से नेताओं और सरकार में शामिल लोगों पर कई तरह के प्रतिबंध लग गए हैं l
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग के द्वारा बनाए गए नियम को ही आचार संहिता कहा जाता है l इसके लागू होते ही सरकार के कामों में कई बदलाव हो जाते हैं. सरकार के कामकाज में कई अहम बदलाव हो जाते हैं. चुनाव पैनल के दिशानिर्देशों में कहा गया है कि चुनाव का ऐलान होने के बाद मंत्रियों और अन्य अधिकारियों को किसी भी वित्तीय अनुदान की घोषणा करने या उसके वादे करने से रोक लग जाती है.
सिविल सेवकों को छोड़कर, सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति पर शिलान्यास करने या किसी भी प्रकार की परियोजनाओं या योजनाओं को शुरू करने पर
रोक लग जाती है l
1 आचार संहिता लागू होने से क्या बदलाव होता है
इस दौरान सड़कों के निर्माण, पेयजल सुविधाओं के प्रावधान आदि से संबंधित वादे नहीं किए जा सकते हैं l
2. अधिकारी-कर्मचारी का ट्रांसफर सरकार नहीं कर सकती
केंद्र सरकार के अधिकारी-कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव आयोग के कर्मचारी की तरह काम करते हैं.
आचार संहिता में सरकार किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी का ट्रांसफर या पोस्टिंग नहीं कर सकती. अगर किसी अधिकारी ट्रांसफर या पोस्टिंग जरूरी भी हो तो आयोग की अनुमति लेनी होगी.
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