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परिस्तिथियों ,अभाव और प्रभाव में पलने वाला ही करता हैं नये मार्ग का निमार्ण: अर्जून आर्या

सुदूर बनांचल मे बाबा साहेब की भव्य जयंती मनाई गई 

चन्दौली। दुनिया के सिंबल ऑफ नॉलेज के नाम से विख्यात महान वैज्ञानिक, समाजशास्त्री, स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता, दार्शनिक तथा भारत के करोड़ों दलित शोषित वंचित पिछड़े समाज को इंसानी जीवन देने वाले महिलाओं के उद्धारक भारतीय संविधान के शिल्पकार महू इन्दौर के महार जाति के रामजी मालोजी परिवार में 14 अप्रैल 1891को जन्में बोधिसत्व विश्व रत्न परम पूज्य बाबासाहेब डॉक्टर अंबेडकर की 133वी जयंती रविवार को जनपद ही नहीं प्रदेश, देश और विदेशों में भी उनके जीवन की विरासत को एक उत्सव एवम् महापर्व को समानता एवं सामाजिक न्याय के रूप में हर्षोल्लास से मनाई गई।

फोटो: जनकपुर में डॉ अम्बेडकर जयंती पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अर्जून प्रसाद आर्या

जनपद के नौगढ़ ब्लॉक के जनकपुर गांव में जयंती महापर्व में उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि अर्जून प्रसाद आर्या ने  हुए कि कहा कि सामंती सोच और मनुवाद के कुंठित काल में पैदा हुए संतों महापुरुषों के संघर्ष परिवेश में डॉ.अंबेडकर का जन्म हुआ उन्होंने परिस्थितियों और अभाव में पला महसूस किया और उसको जवाब देने का संकल्प लिया। देश के दबे कुचले, मजलूमों पिछड़ों, अल्पसंख्यकों व महिलाओ पर लागू रूढ़िवादी परम्पराओ को नष्ट करके समता, समानता बंधुत्व पर आधारित समाजिक न्याय व्यवस्था के सिद्धान्त जो गौतम बुद्ध के संदेश को आधार बनाकर संविधान की रचना किया और उनको  हक और अधिकार दिलाया। जिसका आज क्षरण किया जा रहा है। जिसपर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

विशिष्ट अतिथि जोखू सिद्दीकी , रामकृत एडवोकेट और राजनाथ राम ने कहा कि हमारे ललुआ समाज को बराबर छला गया, सताया गया,मारा गया और उन्हें लूटा गया। जिससे अब समग्र समाज को सचेत रहने की प्रबल आवश्यकता है। 

वहीं समाज सेविका रानी कुशवाहा ने कहाकि बाबा साहेब की देन है कि आज हमलोग मंच पर बोल पा रहे हैं। खासकर सभी समाज की महिलाओं का उद्धार किया। जिन्हें समाज में प्राचीन रूढ़िवादी परंपराओं के तहत पाबंद किया गया था और कुरीतियों से ग्रसित किया गया था।

इस दौरान आनन्द कुमार(पूर्व बैंक मैनेजर) आजाद अंसारी, असरफ प्रधान, आनन्द राव, रवि पाण्डेय (प्रधानजी), रामचंद्र राम, देवनारायण, विनोद कुमार, रामनवमी, आनन्द राव (भाई जी), कमलेश, कमला, मुन्ना भारती, बालकिशुन, रामनिहोर, राजनाथ, रामाकांत सहित अन्य और महिलाएं मौजूद रही।
कार्यक्रम का संचालन अवधेश कुमार भारती और अध्यक्षता बचाऊ राम ने किया।


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