लखनऊ, 03 मई। भाकपा (माले) ने सीतापुर जिले के हरगांव में प्रधानमंत्री मोदी की आगामी पांच मई को भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में होने वाली जनसभा के मद्देनजर तीन दिन पहले से ही माले नेता, जिला पंचायत सदस्य व इंडिया गठबंधन प्रत्याशी के प्रचारक कामरेड अर्जुन लाल को प्रशासन द्वारा पुलिस भेजकर घर पर नजरबंद कर देने की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इसका संज्ञान लेने, नजरबंदी खत्म कर चुनाव प्रचार का लोकतांत्रिक अधिकार बहाल करने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने प्रशासन की इस कार्रवाई को स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव के खिलाफ, भेदभाव पूर्ण, अलोकतांत्रिक व दमनकारी बताया। यह तानाशाही है। कामरेड अर्जुनलाल को हरगांव विधानसभा क्षेत्र में स्थित उनके घर पर गुरुवार दोपहर से नजरबंद कर दिया गया। उस समय वे इंडिया गठबंधन के धौरहरा लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार आनंद भदौरिया के पक्ष में क्षेत्र में चुनाव प्रचार को निकले थे।
वे चुनाव की शुरुआत से ही, पार्टी की नीति के अनुरुप, इंडिया गठबंधन के लिए प्रचार कर रहे हैं। उनको पुलिस भेजकर संसदीय क्षेत्र के एक इलाके से हिरासत में लिया गया और रिक्खीपुरवा गांव के घर पर लाकर नजरबंद कर दिया गया। हरगांव विधानसभा क्षेत्र धौरहरा लोकसभा सीट का हिस्सा है। यहां से भाजपा की रेखा वर्मा तीसरी बार प्रत्याशी हैं, जिनके खिलाफ क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश है।
माले राज्य सचिव ने कहा कि भाजपा संभावित हार से बौखलाकर सत्ता का दुरुपयोग कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश कर रही है। वह तिकड़मों का सहारा ले रही है, मगर जनता सब देख रही है। वह वोट के अधिकार का प्रयोग कर चुनाव में इसका जवाब देगी।
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