वाराणसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (तृतीय) पवन कुमार सिंह की अदालत ने मारपीट और गाली गलौज के मामले में आरोपी डॉक्टर पियूष वाजपेई और उनके भाई को दोषमुक्त कर दिया।
वादी मुकदमा प्रेम मोहन श्रीवास्तव द्वारा अभियुक्त डॉ पियूष वाजपेई और उनके भाई पर आरोप लगाया कि 19 फरवरी 2008 को समय 11 बजे सुबह मुडीकट्टा बाबा, भेलूपुर के समीप गली से 3 अज्ञात लोगों ने मिलकर उसे रिक्शे से खींचकर गली में ले जाकर लात मुक्को से मारा पीटा और और भद्दी - भद्दी गालियां दी और सेंट्रो कार से भाग गए। न्यायालय में आरोपी डॉ पियूष वाजपेई का पक्ष अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने रखा।
अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने न्यायालय में आरोपी डॉक्टर का पक्ष रखते हुए बताया कि घटना को कोई चश्मदीद गवाह नही है और वादी मुकदमा द्वार पेशबंदी में झूठा मुकदमा कायम करवाया गया। वादी मुकदमा द्वारा अपनी चोट का डॉक्टरी मुआयना 7 कि.मी.दूर अस्पताल में करवाया जबकि घटनास्थल के पास में ही सरकारी अस्पताल था। वादी द्वारा दी गई तहरीर किसने लिखी इस पर भी वादी ने भिन्न - भिन्न बयान दिए।
समस्त तथ्यों और सबूतों को देखकर न्यायालय द्वारा आरोपी डॉक्टर पियूष वाजपेई को दोषमुक्त कर दिया
0 टिप्पणियाँ