समाधान नहीं होने पर अभियान चलाकर नहर पाटने और जरुरत पड़ी तो आत्मदाह करने की दी चेतावनी
चन्दौली, 15जुलाई। किसानो के धान की रोपाई का आखिरी चरण चल रहा है, जैसे तैसे रोपे गए धान के खेतों में पानी के अभाव में दरारें पड़ने लगी है, किसानों के खेतो के टेल तक पानी नहीं पहुंचने से फसले सूखने लगी है।
सकलडीहा राजवाहा में पूरी क्षमता से पानी नहीं छोड़े जानें पर किसानों ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया है। इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर किसानों में भारी आक्रोश है। गुरूवार को किसानों ने नहरों में पूरी क्षमता के साथ पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। समाधान नहीं होने पर नहर पाटो अभियान चलाने व जरूरत पड़ी तो किसानों ने आत्मदाह करने की चेतावनी दिया है।
किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि लोकसभा और विधान सभा में सड़क बिजली और एक्सप्रेस टे्रनों की ठहराव की मांग करते है। लेकिन जिससे किसान और आम जनता जिंदा रहे, किसानी की समस्या को उठाने में हीला हवाली करते है। इस समय धान की रोपाई का कार्य चल रहा है। बरसात न होने से किसान राजवाहा पर ही पूरी तरह आश्रित है।
लेकिन सकलडीहा राजवाहा न चलाए जाने से सैकड़ो गांवों के हजारों एकड़ की खेती अधर में लटक गई है। कुछ सुविधा सम्पन्न किसान डीजल इंजन व निजी नलकूप से रोपाई कर लिए है। लेकिन अधिकतर किसान राजवाहा पर ही आश्रित है। इसमे से काफी लोगो की तो पानी के अभाव में रोपाई तक नही हुई है। कुछ लोग जैसे तैसे रोपाई कर भी लिए है तो उनकी फसल सूखने लगी है।खेतो में दरारे पड़ रही है।
इससे नाराज किसानों ने अमावल गांव के पास सकलडीहा राजवाहा में पूरी क्षमता से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस बाबत जेई आशुतोष ने बताया कि जल्द नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
प्रदर्शन करने वालो में रामाश्रय सिंह,श्यामसुंदर सिंह,राहुल सिंह,बबलू सिंह,छब्बी राम,संजय सिंह, सबलू राजभर,रामदेव सिंह,ओमप्रकाश सिंह,सुक्खू राम,भोलू सिंह, सूरज खरवार, जीता राम आदि मौजूद रहे।
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