सत्संग हादसा में मृतक व घायल लोगों के मुआवजा व सहायता बढ़ाने की मांग
चंदौली। दस वर्षों से आयोजित सत्संग में हुई हादसा के लिए जबावदेह कौन हैं सवाल उठाते हुए हाथरस में हुई नागरिकों, जिसमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं, की दर्दनाक मौत पर ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट ने गहरा शोक व्यक्त किया। आईपीएफ राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने सभी मृतक व घायल लोगों को उचित मुआवजा और घायलों के बेहतर इलाज की सरकार से अपील की है।
अभी तक मुख्यमंत्री द्वारा घोषित मुआवजा व घायलों के इलाज के लिए सहायता को अपर्याप्त बताया हैं! जंहा सत्संग हो रहा था वह जगह बहुत छोटी थी और बाबा में आस्था रखने वाले बहुत संख्या में आ रहें थे ! गर्मी और उमस से लोगों को छोटी जगह में भीड़ को संभाला जाना मुश्किल था ! वहीं भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए आयोजक व प्रशासन के पास कोई योजना नहीं थी। अन्य सत्संग और धार्मिक आयोजन में हुई भगदड़ से हुई घटनाओं से प्रशासन ने सिख भी नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट के हवाले से यह खबर आ रही है कि हाथरस में हो रहे सत्संग में बड़े पैमाने पर भीड़ इकट्ठा हो सकती है, इसकी सूचना जिला प्रशासन को थी। बावजूद इसके जिला प्रशासन ने इसकी अनदेखी की और वहां समुचित इंतजाम न करके घोर लापरवाही बरती है। जिसकी सरकार को न्यायिक जांच करानी चाहिए और घटना की जवाबदेही तय करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा है कि इस समय सत्ता के सहयोग से जो बड़े पैमाने पर बाबाओं का कारोबार फल फूल रहा है और जनता की आस्था का दोहन किया जा रहा है, उससे जनता को सचेत होना होगा। बाबाओं के कार्यक्रम में यह भीड़ एकाएक नहीं आती हैं उसके लिए जगह जगह होडिंग लगाई जाती हैं और आयोजन में आने के लिए निमंत्रण पत्र भेजा जाता हैं गाडियों से प्रचार किया जाता हैं
चर्चा तो यह भी हैं कि यह बाबा पुलिस की नौकरी से इस्तीफा देकर सुट - बुट वाले बाबा बन गए ! यह भी सवाल हैं कई धार्मिक आयोजन व किसी भी धर्म के हो उनको राजनैतिक दलों का संरक्षण भी मिलता रहता हैं ! तब सवाल उठता हैं कि सत्संग में हूई हादसा के लिए जबावदेह कौन हैं !
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