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बजट 2024 में बेरोजगारों के लिए झुनझुना, किसानों वर्करों को एक बार फिर छला गया : माले

किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को भी किया नजरअंदाज

लखनऊ, 23 जुलाई। भाकपा (माले) ने कहा है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में बेरोजगारों के लिए झुनझुना, जबकि किसानों के लिए कुछ नहीं है। बढ़ती खाद्य महंगाई को कम करने का भी उपाय नहीं किया गया है।

पार्टी राज्य सचिव सुधाकर यादव ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट पर त्वरित प्रतिक्रिया में मंगलवार को कहा कि दस सालों में बढ़ी भयानक बेरोजगारी की समस्या के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किये गए हैं। अग्निवीर जैसी योजना के बदले स्थायी रोजगार का प्रबंध होना चाहिए था। किसानों के लिए कानूनी गारंटी वाला एमएसपी लोकप्रिय मांग बन चुकी है, लेकिन इसे एकबार फिर नजरअंदाज किया गया है।

किसानों की आय दुगुनी करने के वादे को पूरा नहीं किया गया। मजदूर वर्ग की बजट में उपेक्षा है। आशा, आंगनबाड़ी, रसोइया आदि स्कीम वर्करों को एकबार फिर छला गया है। खेत मजदूरों, ग्रामीण गरीबों और मनरेगा जैसी योजनाओं की बदहाली पर ध्यान नहीं दिया गया है, न ही शहरी गरीबों के लिए रोजगार गारंटी का कोई प्रावधान है। कारपोरेट मित्रों को खुश करने पर ध्यान जरुर रखा गया है।

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