वेदांशी व श्री साई वरदान हास्पिटल के चिकित्सकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश

उपचार के दौरान हुई लापरवाही से मौत का आरोप

वाराणसी। उपचार के दौरान हुई लापरवाही में मौत के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) जयति की अदालत ने वेदांशी हास्पिटल व श्री साई वरदान हास्पिटल के चिकित्सकों के खिलाफ़ थानाध्यक्ष कैंट को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है.

प्रकरण के अनुसार ग्राम गोबरा, थाना चंदवक (जौनपुर) निवासी वादी बीरबल यादव ने अपने अधिवक्ता जयप्रकाश श्रीवास्तव (रिंकू), बंटी खान व रागिनी सिंह के जरिए अदालत में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना-पत्र दिया था. आरोप है कि 23 नवंबर 2021 को रात्रि 8.30 बजे स्टेपलाइजर फट गया जिसके कारण प्रार्थी के दो पुत्र सूर्यकान्त यादय व सौरभ यादव जल गये.

 प्रार्थी अपने दोनो पुत्रा को वेदांशी हास्पिटल में सुबह 4 बजे भर्ती कराया। डाक्टर द्वारा प्रार्थी को विश्वास दिलाया गया कि दोनों बच्चे जल्द स्वस्थ्य हो जायेंगे। इलाज में लगभग दो से तीन लाख रूपये खर्च होंगे। 27 नवम्बर 2021 को प्रार्थी के बडे़ पुत्र सूर्यकान्त यादव को वेदांशी हास्पिटल वाले इलाज हेतु कबीर चौरा अस्पताल भेज दिए जहां प्रार्थी के पुत्र का स्वर्गवास हो गया.

 प्रार्थी वेदांशी हास्पिटल में दूसरे पुत्र सौरभ यादव का दवा इलाज करा रहा था सौरभ बिल्कुल स्वस्थ था व बातचीत कर रहा था. वेदांशी हास्पिटल द्वारा लगभग पांच लाख रुपये इलाज में खर्च कराया गया. प्रार्थी उसके क्रिया कर्म में व्यस्त था, लेकिन वेदांशी हास्पिटल के डाक्टरों के घोर लापरवाही व पैसे की लोलुकता व उपेक्षापूर्ण ईलाज के कारण प्रार्थी के पुत्र सौरभ यादव का 4 दिसंबर 2021 को स्वर्गवास हो गया. 

आरोप है कि प्रार्थी के दोनों पुत्रों के दवा इलाज में वेदांशी हास्पिटल के डॉक्टर व कर्मचारियों की घोर लापरवाही है. वेदांशी हास्पिटल द्वारा प्रार्थी के पुत्र सौरभ की मृत्यु के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर दिया गया. वेदांशी हास्पिटल व श्री साई वरदान हास्पिटल मिलकर प्रार्थी को धोखे में रखकर नाजायज पैसा कमाने की गरज से इलाज में लापरवाही कर प्रार्थी के दोनों पुत्र की हत्या कारित करने का अपराध कारित किया है.

 प्रार्थी के पुत्र की मृत्यु के बाद जब प्रार्थी अस्पताल के डाक्टर व कर्मचारियो से बात करना चाहा तो वे लोग 5 लाख रूपया के अलावा और पैसे की मांग करने लगे. प्रार्थी द्वारा इलाज के बारे में पूछने पर डाक्टर व कर्मचारी प्रार्थी व प्रार्थी के परिवार वालों के साथ गाली गलौज व झगडा-फसाद पर अमादा हो गये. 

प्रार्थी वेदांशी हास्पिटल के डाक्टर व कर्मचारियों के कृत्य से काफी पीड़ित है वेदांशी हास्पिटल वाले प्रार्थी के दोनों पुत्रों को हत्या कारित किए है व दोनो बच्चों के देहान्त के बाद प्रार्थी सदमें में चला गया थोड़ा स्वस्थ्य होने के बाद यह प्रार्थना पत्र दे रहा है. 

प्रार्थी द्वारा घटना की सूचना 11 फरवरी 2022 को अपर पुलिस आयुक्त पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को जरिये रजिस्टर्ड डाक को दिया, बावजूद इसके हल्का कैण्ट की पुलिस आज तक आरोपितों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं किया, तब प्रार्थी थक हार कर न्यायालय की शरण ली।