मिलजुल कर रहने से ही मिलेगा सुख समृद्धि-त्रिभुवन सिंह
चंदौली। राम जानकी शिव मठ मंदिर मे मानस एवं अध्यात्म प्रचार समिति द्वारा हो रहे नौ दिवसीय श्रीराम कथा के नवें दिन सोमवार की देर रात राज्याभिषेक की झांकी का अरंगी चंदौली से आए मानस कलाकारों द्वारा मंचन किया गया.मंचासीन त्रिभुवन सिंह द्वारा सभी पात्रों को दिशा निर्देश दिया गया.
उन्होंने बताया कि जिस समय भरत जी प्रतिज्ञा कर लिए की तीन दिन के अंदर भगवान श्री राम नहीं आते हैं तो मै प्राण दे दूंगा. इसी बीच हनुमान जी आ जाते है और सूचना देते हैं कि लंका विजय के बाद प्रभू श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण भईया आ रहे हैं. जब अवध धाम में राज्याभिषेक होता है तो वहां राम राज्य स्थापित हों जाता है. सब लोग सुखी संपन्न और निरोग हो जाते हैं.
लेकिन रामचरित मानस में बाल काण्ड से लेकर लंका काण्ड तक अशांति ही अशांति फैली रहती है, और उत्तर काण्ड में भगवान श्री राम राजगद्दी पर बैठते हैं इस समय चारो भाई एक साथ विराजमान हैं तब जाकर राम राज्य संपन्न हुआ.
इसी तरह हमारे देश मे हिन्दू मुस्लिम सिक्ख ईसाई जाति और धर्म को छोड़कर एक हो जाय तो भारत देश मे राम राज्य की स्थापना हो जायेगी. और सर्वत्र शान्ति ही शान्ति कायम हो जायेगी. इससे समाज को यहीं सन्देश मिलता है कि मिलजुल कर रहने से ही राम राज्य स्थापित होगा.
राज्याभिषेक के दौरान जयशंकर दूबे, हरिद्वार सिंह, शिवबच्छन सिंह, डॉ. सन्तोष तिवारी अध्यक्ष, ओ पी सिंह उपा ध्यक्ष, दिनेश तिवारी, पंकज तिवारी, शिवानंद पाण्डेय, पंकज राय, एडवोकेट चंद्रभानु सिंह, राज नारायण विश्वकर्मा महामंत्री, हरेंद्र प्रताप सिंह मंत्री, रुचि पाण्डेय उपस्थित रहे