हमारा संविधान मौलिक अधिकार और मानवीय दायित्वों का पूर्ण जिम्मेदारी से निर्वहन करता है-अरुण रत्नाकर
चंदौली, सकलडीहा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बाजार में संविधान दिवस के तौर पर संविधान दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया. 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया.
हमारा संविधान कठोर और लचीला दोनों है अरुण रत्नाकर ने संविधान की उद्देशिका का वाचन किया और बताया कि संविधान में हमारे मौलिक अधिकार और मौलिक दायित्व भी दिए गए हैं. हमें पूर्ण जिम्मेदारी, ईमानदारी और मेहनत से अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए.
इस अवसर पर कला और निबंध की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया और बच्चों में मिष्ठान वितरण भी किया गया. प्रधानाध्यापक जमील अहमद ज्योति भारद्वाज धर्मराज प्रसाद सफाई कर्मी संजय अलाउ महराजी पंचायत मित्र अबू सोयबा मृत्युंजय सुरेश कुमार सतीश कुमार आदि ने बाबा साहब अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित किया
इस दौरान कला की प्रतियोगिता में श्रेयस कक्षा 7 प्रथम स्थान प्राप्त किया. जिसे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुरस्कृत किया जायेगा.