डॉ. अंबेडकर ने वेद नहीं लोगों की वेदना पढ़ा-अर्जुन आर्या
संविधान के जरिए सबको बराबर का दर्जा दिया, जिसे राज्य केंद्रों में रखकर पालन कराया जाता है
चंदौली। जिले के सदर ब्लॉक अंतर्गत शोभनाथ जनता इन्टर कॉलेज श्रीकांठपुर में मुख्य अतिथि अर्जुन प्रसाद आर्या द्वारा तथागत बुद्ध और डॉ अंबेडकर के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर एवं ध्वजारोहण एवं संविधान की प्रस्तावना एडवोकेट रामजन्म बागी के द्वारा पढ़कर कार्यक्रम का शुरुआत किया गया.
फोटो : शोभनाथ जनता इण्टर कॉलेज श्रीकांठपुर में 26 जनवरी पर लोगों को संबोधित करते हुए अर्जुन प्रसाद आर्य
श्री आर्या ने कहा कि आज ही के दिन 26 जनवरी 1950 को हमारे देश का संविधान लागू किया गया था और देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद द्वारा 21 तोपों की सलामी के साथ पांच मील लंबे परेड समारोह के बाद इरविन स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया था.यह ऐतिहासिक क्षणों में गिना जाने वाला समय था. इसके बाद से हर वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है. आज पूरे देश में 76वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. जो हमारे लिए गौरव का दिन है.
उन्होंने आगे कहा कि संविधान निर्माता डॉ अंबेडकर ने वेद नहीं पढ़ा लोगों की वेदना पढ़ा और सबको समता ममता बंधुत्व के बराबर दर्जे में रखकर एक कानून की किताब बनाया जिसका नाम भारतीय संविधान रखा. जिसके नियम और कानून व्यवस्था से भारत देश के सभी राज्यों को उसके केंद में रखकर चलाया जाता है.
हमारा देश एक गणतंत्र के रूप में स्थापित हुआ था. हमारा संविधान देश के नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी सरकार चुनने का अधिकार देता है. भारत 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र हुआ था तथा 26 जनवरी 1950 को इसके संविधान को आत्मसात किया गया, जिसके अनुसार भारत देश एक लोकतांत्रिक, संप्रभु तथा गणतंत्र देश घोषित किया गया. हर साल पूरे देश में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर भव्य परेड का आयोजन होता है जिसमें देश की सांस्कृतिक विविधता, ताकत और सैन्य शक्ति का अनूठा मिश्रण दिखता है.