स्वच्छ समाज के निर्माण में शिक्षा अनिवार्य
गुरु रविदास जी के भाषा को समझना जितना आसान है उतना ही कठिन है- अर्जुन आर्या
गाजीपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने उस समय अपने कठिन तपस्या को सामान्य जनता के आंख को खोलते हुए मन की पवित्रता को सरलता से लोगो की उपस्थिति में सामने दिखाकर समाज को ठगने वाले ब्राह्मणों को मन के भीतर झांकने के लिए मजबूर किया.
उक्त विचार लॉर्ड बुद्धा डॉक्टर अंबेडकर सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन आर्या जी ने गाजीपुर जिले के जमानिया कस्बा स्थित बलुआ घाट पर स्थापित गुरु रविदास जी के बरही कार्यक्रम में हजारों रविदासियों के जन्म समूह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि गुरु जी के मन चंगा तो कठौती में गंगा वाली बात को तो सभी मानते हैं लेकिन मन की चंचलता पर किसका कितना जोर है सबके बस की बात नहीं है. मन की पवित्रता से लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है.
आज सनातन की सत्ता को समझना बड़ा कठिन है लेकिन आप अपने कार्यों के आधार पर एक अदृश्य सत्ता के करीब जा सकते हैं. एक कहावत है कि भगवान तो भक्तों के बस में रहते हैं. इसका ढिंढोरा नहीं पीटा जाता.
उस जमाने के एक बाबा गुरु रविदास जी थे जिन्होंने समाज से वंचित लोगों को सही राह एवं शिक्षा देकर ढोँगी पाखंडियों से ठगने से बचाने का काम किया और इस समय उत्तर प्रदेश सरकार के एक और बाबा है योगी आदित्यनाथ जी हैं जो गरीबों के पढ़ने वाले बच्चों की छात्रवृत्ति को कम कर उनका हक मार गरीब बच्चों को शिक्षा से दूर करने का काम कर रही है.
आप रविदासियों से पूछ रहा हूं कि आपके बच्चे अगर छात्रवृत्ति के पैसे पर पढ़कर एक स्वच्छ समाज की रचना करने में सहयोग देंगे तो बुरा काम है क्या? इसी छात्रवृत्ति पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की पूरी शिक्षा हुई है. जिन्होंने संविधान लिखकर इतिहास रच दिया.
योगी सरकार को अभी लोकसभा के चुनाव में संविधान बचाने के नाम पर अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजातियों ने सपा का साथ देकर एक ठोकर दिया था अगर यह सरकार इसी तरह आप गरीबों के हक को मारेगी तो आने वाला चुनाव भी बुरी तरह से हारेगी. इसलिए स्वच्छ समाज के निर्माण में सही शिक्षा जरूरी है जहां मन रूपी पवित्र मित्र मिल जाएंगे.
वहीं राजू कनौजिया ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पर विस्तार से चर्चा कर तहलका मचा दी. इस अवसर पर केशव कोटेदार, प्यारचंद प्रेमी, विक्रमा बाबा, मार्कण्डेय, जयराम राय, कालिका, संजय भास्कर, संजय तिवारी, लक्ष्मण, राजेन्द्र सहित हजारों महिलाएं पुरुष और बच्चों ने कार्यक्रम में संबल प्रदान किया.
संचालन सुरेश सौरभ गाजीपुरी रहे।