उत्तर प्रदेश सियासत में भूचाल, योगी जी नहीं लड़ेंगे चुनाव, कोई और होगा मुख्यमंत्री
लखनऊ, 26 मार्च 2025, सटीक संवाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ने हाल ही में ANI के पॉडकास्ट में साफ शब्दों में कहा कि वह खुद चुनाव लड़ने की कोशिश नहीं करेंगे और कोई और भाजपा नेता यूपी का मुख्यमंत्री बन सकता है. इस बयान ने न सिर्फ सियासी गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि हर तरफ चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और आम लोगों के बीच भी सवाल खड़े कर दिए. आखिर योगी के इस बयान का मतलब क्या है? चलिए जानते हैं पूरी कहानी.
योगी का चौंकाने वाला जवाब
ANI के साथ हुए पॉडकास्ट में योगी से उनकी राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा और तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने की संभावना पर सवाल पूछा गया था. जवाब में योगी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता सेवा, सुरक्षा और सुशासन है, जिसे भाजपा ने यूपी में लागू किया. इसी का नतीजा है कि आज जनता का भरोसा उनकी पार्टी के साथ है. लेकिन सबसे बड़ा टैरिस्ट तब आया, जब उन्होंने कहा, "मैं चुनाव लड़ने की कोशिश नहीं करूंगा. हमारी पार्टी तय करेगी कि कौन अगला सीएम बनेगा।" यह बयान सुनते ही सियासी पंडितों के कान खड़े हो गए.
यूपी की सियासत में भूचाल
योगी का यह बयान कोई साधारण बात नहीं है. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भाजपा का चेहरा रहे योगी का यह कहना कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे, कई सवाल उठाता है. क्या योगी अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं? या फिर पार्टी के भीतर कुछ और रणनीति तैयार हो रही है? उनके इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि भाजपा अगले चुनाव में किसी नए चेहरे को सामने ला सकती है. यूपी की जनता और विपक्ष, दोनों ही इस बयान को अपने-अपने तरीके से समझने की कोशिश कर रहे हैं.
सेवा और सुशासन पर जोर
योगी ने अपने जवाब में यह भी साफ किया कि उनका फोकस हमेशा से जनता की सेवा पर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का मॉडल सेवा, सुरक्षा और सुशासन का है, जिसे यूपी में लागू करने की वजह से पार्टी को लोगों का प्यार मिला. लेकिन यह कहकर कि "मैं खुद आगे नहीं आऊंगा, पार्टी जो तय करेगी, वही होगा," योगी ने अपने नेतृत्व को पार्टी की सामूहिक सोच से जोड़ दिया. यह बात उनके समर्थकों के लिए हैरानी भरी हो सकती है, लेकिन इससे उनकी निष्ठा भी झलकती है.
कहा जा रहा उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खेमे ने 'बाबा' के खिलाफ नई चाल चल दी है. जिसके बाद अब यूपी में मुख्यममंत्री बदले जाने की चर्चा ने फिर से जोर पकड़ लिया है.
केशव के पक्ष में ये विधायक
यूपी में बीजेपी के कई ऐसे विधायक हैं जो चाहते हैं कि केशव प्रसाद मौर्य राज्य के सीएम बनें. इनमें से कई विधायक पर्दे के पीछे अपनी इस इच्छा को जाहिर करते हैं, वहीं कई विधायक खुलेआम ऐसी बातें करते हुए दिखाई देते हैं.
इन्हीं में से एक विधायक श्याम प्रकाश ने पिछले दिनों सार्वजनिक मंच से कह दिया था कि योगी आदित्यनाथ को दिल्ली चले जाना चाहिए और केशव मौर्य को मुख्यमंत्री बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि वो जो कहते हैं वो एक न एक दिन सच जरूर होता है. श्याम प्रकाश के अलावा गाजियाबाद के लोनी से विधायक नंदकिशोर गुर्जर भी केशव मौर्य के समर्थक माने जाते हैं. गुर्जर अपने विवादित बयानों की वजह से लगातार चर्चा में हैं.
पिछले दिनों कलश यात्रा निकाले जाने को लेकर उनका पुलिस से टकराव हुआ था. इसके बाद उन्होंने अपनी ही सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. इस बीच बीते दिनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने नंद किशोर गुर्जर के साथ मंच साझा किया है. केशव ने गुर्जर के साथ मजबूती से खड़े होने की बात भी कही है. जिसके बाद चर्चा शुरू हो गई है कि केशव मौर्य फिर से सीएम योगी के खिलाफ मोर्चा खोलने की कोशिश कर रहे हैं.