धान का कटोरा कहे जाने वाले जनपद में खाद नदारद, किसान परेशान, अधिकारी दे रहे थोथा - पिंटू पाल
बाजार में नहीं मिल रही खाद, खेती पर असर पड़ने की आशंका, दो दिन के अंदर खाद उपलब्ध नहीं तो बड़ा आन्दोलन की चेतावनी
चंदौली, सटीक संवाद,15 जुलाई 2025। "धान का कटोरा" कहे जाने वाले जनपद चंदौली में खाद नदारद हैं. किसान परेशान हैं, अधिकारी थोथा दे रहे है. बाजार में खाद नहीं मिल रही है, और जो मिल भी रही है, वह बहुत महंगी है. धान की खेती पर असर पड़ने की आशंका है. दो दिन के अंदर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो बड़ा आन्दोलन की चेतावनी.
भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन की तीन सदस्यीय टीम वाराणसी युवा मंडल अध्यक्ष पिंटू पाल के नेतृत्व में मंगलवार को जिले के विभिन्न खाद गोदामों के निरीक्षण पर रही. इस दौरान उन्होंने पाया कि किसी भी गोदामों पर खाद नहीं हैं. दो दिन के अंदर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई तो वह एक बड़ा आन्दोलन करने को बाध्य होंगे. जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी.
उन्होंने जिला प्रशासन प्रशासन की कार्य प्रणाली पर काफी नाराजगी जताई और कहा कि धान का कटोरा" कहे जाने वाले जनपद चंदौली में खाद नदारद हैं. किसान परेशान हैं, अधिकारी थोथा दे रहे है. बाजार में खाद नहीं मिल रही है, और जो मिल भी रही है, वह बहुत महंगी है. धान की खेती पर असर पड़ने की आशंका है.
वीडियो: सुनिए पिंटू पाल की जुबानी
उन्होंने बताया कि चंदौली उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख धान उत्पादक जिला है जिसे "धान का कटोरा" कहा जाता है, यहां की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु धान की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है, लेकिन इस बार खाद की कमी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है.
कई किसानों ने बताया है कि उन्हें बाजार में खाद नहीं मिल रही है, और जो मिल भी रही है, वह बहुत महंगी है. इससे उनकी लागत बढ़ रही है और मुनाफे की संभावना कम हो रही है.
कुछ किसानों ने तो यह भी बताया कि खाद की कमी के कारण उन्हें धान की रोपाई में भी देरी करनी पड़ रही है. यह स्थिति धान की फसल के लिए एक बड़ी चुनौती है, और अगर जल्द ही खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो इसका असर धान के उत्पादन पर पड़ सकता है.
उन्होंने आगे कहा कि चंदौली जिले में खाद की कमी एक गंभीर समस्या है, जिससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है. सरकार को इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और किसानों को खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी चाहिए. निरीक्षण के दौरान जिलाध्यक्ष शेषनाथ यादव और अखिलेश यादव रहे।