राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं में वैश्विक नागरिकता के विकास का एक सार्थक प्रयास- विकायल भारती
डायट एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में आठ दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन
चंदौली, सटीक संवाद 16 जुलाई 2025। मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी तथा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, चंदौली के संयुक्त तत्वावधान में आठ दिवसीय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 उन्मुखीकरण एवं संवेदीकरण ऑनलाइन कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ.
उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत करते हुए डायट प्राचार्य विकायल भारती ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भावी पीढ़ी के युवाओं में वैश्विक नागरिकता के विकास का एक सार्थक प्रयास है. जिसमें हम सभी को मिलकर एक साथ काम करना होगा. जिससे भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया जा सके. राष्ट्रीय शिक्षा नीति शिक्षा एवं शिक्षकों की गरिमा एवं साख को पुनः स्थापित करने का एक प्रयास है जिसमें कहा गया है कि शिक्षा सुधार का केंद्र शिक्षक को होना चाहिए.
मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र, शिक्षाशास्त्र विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के विभागाध्यक्ष एवं केन्द्र निदेशक प्रो. सुरेंद्र राम ने बताया कि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण के विकास एवं उनमें जागरूकता विकसित करने के प्रयोजन से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा प्रायोजित किया गया है जिसमें देश के अनेक राज्यों, भाषाई क्षेत्रों एवं विषयों आदि से प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं. कार्यक्रम में समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा, भारतीय ज्ञान प्रणाली, शैक्षिक नेतृत्व एवं प्रशासन, उच्च शिक्षा एवं समाज, अनुसंधान एवं विकास, विद्यार्थी विविधता एवं समावेशन, सूचना एवं संप्रेषण तकनीक, कौशल विकास आदि आयामों पर गहन विचार- विमर्श किया जाएगा.
अपने संबोधन मुख्य अतिथि प्रो. अनुराग कुमार, संकायाध्यक्ष, मानविकी संकाय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को पुनः विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की कोशिश है. जिसमें समस्त हितधारकों की सहभागिता आवश्यक है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भाषाई विविधता को बढ़ावा देने हेतु अनेक प्रावधान किए गए हैं क्योंकि शिक्षण अधिगम में भाषा का अहम योगदान होता है. भाषा किसी भी राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को संगठित, संरक्षित एवं भावी पीढ़ी में प्रसारित करने का सशक्त माध्यम है.
अपने व्याख्यान में हरिश्चंद्र महाविद्यालय प्रो. अनुराधा राय ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने हेतु समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा का प्रावधान किया गया है. उन्होंने बताया कि इस नीति में अध्ययन विषयों के भेदभाव को समाप्त करने हेतु ज्ञान की एकता एवं अखंडता पर जोर दिया गया है. उन्होंने अनुभव आधारित अधिगम एवं शिक्षण प्रणाली के विकास हेतु अध्ययनकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता को बढ़ाने पर विशेष बल दिया. कार्यक्रम के संचालन हेतु डॉ. बैजनाथ पाण्डेय एवं डॉ जितेन्द्र सिंह को सह समन्वयक बनाया गया है.
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष में डायट ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के साथ शैक्षिक, शोध एवं प्रशिक्षण के सम्बन्ध में शैक्षिक आदान-प्रदान हेतु मेमोरेंडम आफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया है।