बाबू जगजीवन जी एक राजनेता ही नहीं, वे आधुनिक युग के महान प्रणेता भी थे - अर्जुन आर्या
बाबूजी को समाज सुधारक और दलितों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले योद्धा के रूप में जाना जायेगा-एड रामजन्म बागी
चंदौली, सटीक संवाद,06 जुलाई। बाबू जगजीवन जी सिर्फ एक राजनेता ही नहीं, बल्कि आधुनिक युग के महान प्रणेता भी थे. उन्होंने न केवल भारतीय राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया, बल्कि दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी. एक मजबूत भारत की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.1936 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने.1937 में डिप्रेस्ड क्लास लीग के उम्मीदवार के रूप में बिहार विधानसभा के लिए चुनाव जीता. 1946 में भारत की संविधान सभा के सदस्य के रूप में कार्य किया. 30 से अधिक वर्षों तक केंद्रीय मंत्री रहे और श्रम, संचार, रेलवे, परिवहन, और रक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विभागों को संभाला. भारत के उप प्रधानमंत्री भी रहे. 40 से अधिक वर्षों तक लोकसभा के सदस्य रहे. उन्हें 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके काम के लिए रक्षा मंत्री के रूप में जाना जाता है. उन्होंने भारतीय सेना का मनोबल बढ़ाया और बांग्लादेश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया. उक्त बातें लॉर्ड बुद्धा डॉ अंबेडकर सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्य ने अलीनगर स्थित जिला कार्यालय पर स्व.बाबू जगजीवन राम की पुण्य तिथि के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा.अंत में उन्हें भारत रत्न समान से नवाजे जाने की भारत सरकार से मांग किया.
प्रदेश उपाध्यक्ष एड. रामजन्म बागी ने उनके जीवन संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा बाबू जगजीवन राम को सामाजिक सुधारक और दलितों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले योद्धा के रूप में जाना जायेगा. उन्होंने भारतीय राजनीति और समाज में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका जीवन और कार्य आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं.
वहीं प्रदेश महासचिव लल्लन कुमार ने कहा कि बाबू जगजीवन राम का जन्म 5 अप्रैल, 1908 को बिहार में हुआ था. वे एक स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थे. वे हमेशा दलितों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहे. सामाजिक समानता और न्याय के लिए एक मजबूत लड़ाई लड़ी.वे एक लोकप्रिय नेता थे, जिन्हें 'बाबूजी' के नाम से जाना जाता था।
पुण्य तिथि में आनंद कुमार, बीरेंद्र कुमार भारती, हरिनारायण राम, एड. अरूण कुमार, जवाहर लाल, बिपिन कुमार, आनंद प्रकाश मौर्य, रामलाल मौर्य, विजय कुमार, अवनीश कुमार, अविनाश आर्य, प्रेम नारायण, दिलीप कुमार, राम अवध, संचम राम, कपिलदेव, आशीष कुमार, कन्हैया लाल भारती सहित अन्य शामिल रहें।