जंगली तथा दुर्गम इलाका होने के बावजूद भी विद्यालय मर्ज किया गया- रामचंद्र राम
प्राथमिक विद्यालय पड़रिया को कंपोजिट विद्यालय धनकुवारी में मर्ज करना अन्याय पूर्ण, आदेश वापसी को लेकर धरना 16वें दिन भी जारी
चंदौली, सटीक संवाद,27 अगस्त 2025। जिले के नौगढ़ विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय पड़रिया को कंपोजिट विद्यालय धनकुवारी में मर्ज के आदेश को वापस लेने को लेकर रामचंद्र राम के नेतृत्व में भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी कार्यकताओं का 16वें दिन भी धरना प्रदर्शन जारी रहा.
धरना को संबोधित करते हुए रामचंद्र राम ने कहा कि दुर्गम एवं जंगली इलाका जहां जंगली जानवरों का भय अक्सर बना रहता है, वहां मर्ज किए गए विद्यालय से विद्यालय की दूरी 1.2 किमी और बस्तियों से दूरी 2 से 3 किमी की है. जहां छोटे छोटे बच्चों को जाने के लिए काफी दूरी तय करना पड़ रहा है. ऐसी स्थिति में प्राथमिक विद्यालय पड़रिया को कंपोजिट विद्यालय धनकुवारी में मर्ज करना अन्याय पूर्ण है. टेलीफोनिक वार्ता में खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा कहा गया भी था कि समस्या जायज है सही कार्रवाई जल्द सुनिश्चित की जाएगी, परंतु समस्या समाधान हेतु सम्बधित अधिकारी अभी तक धरना स्थल पर नहीं पहुंचे.
जिलाधिकारी के आदेश को शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दिखाया ठेंगा
आदेश वापसी को लेकर पूरे ग्रामीणो ने बीते 18 अगस्त 2025 को सम्पूर्ण समाधान दिवस में उपस्थित जिलाधिकारी चदौली को पत्रक सौप कर शिकायत की जिसपर जिलाधिकारी ने तत्काल जॉच के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया, परन्तु बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पुनः उन्ही खण्ड शिक्षा अधिकारी को जाँच के लिए सौप दिया. जिन्होंने धरनारत लोगों के बीच जाकर विलय न करने का मौखिक आदेश सुनाकर ग्रामीणों से सादे पन्ने पर हस्ताक्षर करवा लिए. क्या रिपोर्ट लगाकर बेसिक शिक्षा अधिकारी को भेजे. इसका खुलासा अभीं तक नहीं हुआ, और न ही विद्यालय विलय होने का आदेश वापस लिया गया. खण्ड शिक्षा अधिकारी बार - बार कह रहे हैं कि यह सरकार का आदेश है मैं सरकार का अवमानना नहीं कर सकता.
सरकार से जनता का क्या सवाल है?
पड़रिया की जनता का सवाल यह है कि लोकतन्त्र में तानाशाही का आलम ही रहेगा या शासन प्रशासन जनता के लिए भी जनतान्त्रिक कार्य करेगी। लोगों का यह भी कहना है कि प्राथमिक विद्यालय बकुलघट्टा में मात्र 23 बच्चे नामांकित हैं जो विद्यालय मर्ज नहीं किया गया. अधिकारियों के इस दुर्व्यवहार पूर्ण रवैए से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
धरने में अंगद यादव ( एसएमसी अध्यक्ष), शैलेन्द्र यादव,रामबहाल, रामलखन यादव, कांता यादव, भगवंती, गुड्डू, सविता, रामसेवक, चंद्रावती, रामवती, राधिका, सुनीता, सुमित्रानंदन, बबिता, नंदू, सुखराम यादव, नागेश्वर, मनोज सहित अन्य मौजूद रहे।