भारत की आजादी और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है तिरंगा - मोदी

गगन में शान से फहराया और सलामी ली, गूंजे देश भक्ति के तराने 

Independence day - भारत की आजादी और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक तिरंगा को शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के सभी राज्यों की राजधानियों में विशेष झंडावंदन कार्यक्रम आयोजित फहराया गया, तथा राज्य के सुरक्षाबल राष्ट्रध्वज को सलामी दिए. प्रत्येक राज्य में वहाँ के मुख्यमंत्री ध्वजारोहण किए. स्थानीय प्रशासन, जिला प्रशासन, नगरीय निकायों, पंचायतों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए गए. वहीं भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण बनाए रखने की शपथ ली गई. साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया गया. संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई और संविधान की रक्षा, आजीविका व सामाजिक अधिकार, समावेशी राष्ट्रवाद के लिए संकल्प लिए गए. इस दौरान पूरा देश देशभक्ति के तराने से झूम उठा. 

इस अवसर पर देश भर में भाषण, नृत्य, नाटक, लोकगीतों आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और जहां डाल डाल पर सोने की चिड़िया करती हैं बसेरा वह भारत देश है मेरा, ए मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भरलो पानी, सारे जहां से अच्छा भारत देश है मेरा, मेरा रंग दे बसंती चोला, दिल दिया है जां भी देंगे ए वतन तेरे लिए आदि देश भक्ति गीतों की धुने गूंजती रही। 

15 अगस्त को प्रतिवर्ष भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है. सन् 1947 में इसी दिन भारत के निवासियों ने ब्रिटिश शासन से स्‍वतंत्रता प्राप्त की थी. यह भारत का राष्ट्रीय त्यौहार है. प्रतिवर्ष इस दिन भारत के प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से देश को सम्बोधित करते हैं.


पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि तिरंगा भारत की आजादी और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है. आन - बान - शान से फहराया और झंडे की सलामी ली. वहीं भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को अक्षुण बनाए रखने की शपथ ली. साथ ही स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया गया. राष्ट्रगान और बन्दे मातरम् गीत की गूंज से देश के समस्त नागरिक गौरवान्वित रहे.

मोदी ने कहा कि प्रकृति हम सबकी परीक्षा ले रही है.पिछले कुछ दिनों में प्राकृतिक आपदाएं भूस्खलन, बादलों का फटना जैसी कितनी कितनी आपदाएं हम झेल रहे हैं. पीड़ितों के साथ हमारी संवेदना है. राज्य सरकारे और केद्र सरकार मिलकर बचाव और राहत के काम में लगी है, हम पूरी शक्ति से जुटे हैं.

हमारा देश कई दशकों से आतंक को झेलता आया है. देश के सीने को छलनी कर दिया गया है. अब हमने एक न्यू नार्मल स्थापित कर दिया है आतंक को और आतंकी को पालने पोसने वाले को आतंकियों को ताकत देने वालों को अब हम अलग अलग नहीं मानेंगे. वह मानवता के दुश्मन है. उनके बीच कोई फर्क नहीं है. भारत ने तय कर लिया है कि न्यूक्लियर की धमकिया को हम सहने वाले नहीं हैं. न्यूक्लियर ब्लैकमेल लंबे अरसे से चलाया. अब ब्लैकमेल नहीं सहा जाएगा.

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