नौगढ़ बना विस्थापित भूमि विवाद का केंद्र- अरविंद कुमार

गरीब किसानों की न खेती हो पा रही है, न ही परिवार का भरण पोषण 

चंदौली, सटीक संवाद, 31अगस्त 2025। जिले का तहसील नौगढ़ क्षेत्र इन दिनों भूमि विस्थापित विवाद का केंद्र बना हुआ है. इसमें दलित और पिछड़े समाज की कमर टूट चुकी है. वे न तो उस भूमि पर खेती कर पा रहे हैं और न ही परिवार का भरण पोषण. प्रशासन की ऑफिसों का चक्कर लगाते लगाते उनका जीवन बर्बाद हो रहा है. ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है,वहीं आजाद समाज पार्टी व भीम आर्मी के नेता गांव पहुंचकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का ऐलान कर दिए हैं.  लोगों का कहना है कि यह आंदोलन अब रुकने वाला नहीं, बल्कि नई दिशा लेगा.




बता दे कि रविवार को भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार नौगढ़ क्षेत्र के दौरे पर रहे. इस दौरान उन्होंने सर्व प्रथम पड़रिया प्राथमिक विद्यालय पर पहुंचकर स्कूल मर्ज के विरोध में विगत 20 दिनों से धरनारत लोगों से मिले और समस्या समाधान के अश्वासन दिए, तत्पश्चात शाम 5:00 बजे भरदुआ पहुँच कर संजय कुमार व अन्य से पूछताछ के बाद लोगो द्वारा प्रस्तुत विवादित भूमि का कागजात देखा और लोगों के बयान को सुना कहा कि सभी कब्जाधारी लोग आपस में संगठित होकर भूमि का बटवारा करके अपनी अपनी खेती करें, जो फाइलें कोर्ट के अधिनस्त है, निस्तारण होने के बाद कोर्ट के आदेशानुसार ही कार्य करें, लोगों ने प्रमुख सुजीत सिंह उर्फ सुड्डू सिंह की बैनामा सम्बन्धित बात उठाई जिसपर अध्यक्ष ने कहा कि प्रमुख जी जहाँ की जमीन रजिस्ट्री कराए हैं, वहां की चौहद्दी के अनुसार कब्जा करें. अगर गरीबो की जमीन पर दखलदांजी करते हैं तो यह ठीक नहीं होगा , गरीबा का शोषण भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी कत्तई बरदास्त नहीं करेगी.

फिर गोड समाज द्वारा जन जाति के मुद्दे उठा. उन्होंने लोगों का साक्ष्य देखा फिर कहा कि कृष्ण कुमार का साक्ष्य के अनुसार मांग जायज है. विते दिनों तहसील में जो घटना घटी है कहीं न कहीं अधिकारी जिम्मेदार है. अधिकारी सुविधा शुल्क के आदी हो चुके हैं जो लोक तन्त्र के लिए खतरा है. कृष्ण कुमार मौके पर मौजूद नहीं थे फोन वार्ता पर में कहा कि तहसील में CCTV कैमरा लगा है, देख लिया जाय कि प्रथम अभद्रता किसने किया. जो वास्तविक हो कार्यवाही किया जाए मुझे कोई आपत्ती नही है. परन्तु जो गलत तरीके से तमाम छति दिखाकर मुकद्दमा पंजीकृत किया गया है वह सरासर गलत व अन्यायपूर्ण है. इस पर जिलाध्यक्ष (ASP) ने कहा कि प्रशासन के गलत निर्णय का पूरजोर विरोध किया जाएगा. जहाँ अन्याय होगा भीम आर्मी आजाद समाज पाटी बर्दाश्त नहीं करेगी. दोषी अधिकरियों के खिलाफ अवश्य कार्रवाई करवाई जाएंगी.

फोटो: कृष्ण कुमार गोंड द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य 

प्रशासन की हर ज्यादती का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, सवाल गरीब–वंचित समाज की गरिमा और न्याय की लड़ाई का है 

आपको बता दें कि काफी दिनों से विकास खंड नौगढ़ में वन विभाग की कार्रवाई से भरदुआ, विशेषरपुर, जनकपुर और आसपास के गांवों में तनाव की स्थिति बनी हुई है‌. ऐसे कई मामले सामने आए जिसमें डीएम और एसपी को गांव में चौपाल लगानी पड़ी. लेकिन अब ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज होते ही गुस्सा और भड़क उठा. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन समस्याओं का हल निकालने की बजाय बेबस और लाचार जनता को डराने-धमकाने की साजिश रच रहा है. गांव के लोगों ने कहा कि वे प्रशासन की दमनकारी नीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे. अब यह संघर्ष उनके अस्तित्व और अधिकार की लड़ाई बन चुका है. सवाल चाहे जाति प्रमाण या विस्थापित भूमि या फिर गरीब–वंचित समाज की गरिमा और न्याय की लड़ाई का हो.

 शिक्षा और रोजगार पर संकट मंडराया 

भीम आर्मी जिला संरक्षक रामचंद्र राम ने कहा कि गोंड जाति का प्रमाण पत्र न मिलने से नौगढ़ में हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है. वे शिक्षा और नौकरी में आरक्षण के अधिकार से वंचित हो रहे हैं. दशकों से संघर्ष के बावजूद प्रशासन सिर्फ वादे करता है और समस्याओं को टालता जा रहा है.

 साथ में आये नेताओं का तेवर

 लॉर्ड बुद्धा डॉ अंबेडकर सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा, “केन्द्र और राज्य की सरकारें दलितो, पिछड़ों, अल्पसंख्यको और महिलाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन हम संघर्ष से पीछे हटने वाले नहीं हैं. यह आंदोलन अब और बड़ा होगा.” वहीं भीम आर्मी जिला उपाध्यक्ष अवधेश भारती ने चेताया, “फर्जी मुकदमों से हम डरने वाले नहीं. प्रशासन उनपर जितना अत्याचार करेगा उनका आक्रोश और बढ़ता ही जायेगा. अब यह लड़ाई गांव-गांव और गली-गली तक पहुंचेगी. न्याय की लड़ाई हर हाल में लड़ी जाएगी.” जिला महासचिव सिद्धार्थ प्राण बाहु ने कहा कि जंगल में पीढ़ी दर पीढ़ी से बसे चले आ रहे आदिवासी, दलित और वंचित समाज को उनके हक अधिकार और सम्मान दिलाने के लिए भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी आर पार लड़ने के लिए तैयार है.

ग्रामीणों और प्रशासन में टकराव की स्थिति

वन विभाग और पुलिस प्रशासन की मनमानी से भरदुआ, विशेषरपुर गांव में तनाव का आलम ऐसा है बना हुआ है कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे बड़े आंदोलन का एलान करेंगे. युवा नेता कृष्ण कुमार गोंड ने साफ कहा है कि यह लड़ाई अब अधिकार और सम्मान की है. इस मामले में सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि प्रशासन झुकेगा या हालात आर-पार के टकराव की ओर बढ़ेगा.

इस मौके पर चकिया विधान सभा अध्यक्ष डा. नन्दलाल महादेवन, विधानसभा उपाध्यक्ष शिवानन्द, विजय भास्कर, संघर्ष सूर्यवंशी, सुभाष कुमार गोविंद कुमार, राजदेव, अमरदेव, राजमणि, संतोष, चंद्रजीत यादव, सुशील यादव, महेंद्र कुमार, अशोक कुमार कनौजिया सहित गाँव के सैकड़ो महिलाएं पुरुष व समाज सेवी मौजूद रहे।

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