नारियां ठान लें तो बड़े से बड़े अपराधों का सामना मजबूती से कर सकती हैं- अरुण रत्नाकर
नई बाजार की छात्राओं ने दुर्गा का रूप किया धारण, अशिक्षा, बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, नशाखोरी, साइबर अपराध, हिंसा का करेगी विनाश
प्रभारी प्रधानाध्यापक अरुण रत्नाकर ने बताया की भारतीय समाज में युगों युगों से महिलाएं शोषित, अपमानित और पतित रहीं हैं. देश आजाद होने के बाद महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए अनेकों कानून बनाए गए, परन्तु उन्हें बलात्कार, घरेलू हिंसा, दहेज हत्या, तेजाब हमले, अपहरण अर्थात् शारीरिक,यौनिक, और मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न से निजात नहीं मिला.
आज के वर्तमान परिवेश में नारियां इतनी सशक्त है कि वे ठान ले तो बाल विवाह, दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, नशाखोरी, साइबर अपराध, हिंसा, सामाजिक बुराइयां या बड़े से बड़े अपराधों का सामना बहुत मजबूती से कर सकती है. इस अवसर पर ज्योति भारद्वाज, धर्मराज प्रसाद, मृत्युंजय आदि रहे।