ब्राह्मणवाद मानवीय मूल्यों का सबसे बड़ा दुश्मन- जावेद
भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी ने कांशीराम की पुण्यतिथि मनाया, जीवन संघर्षों और आदर्शो पर चलने का संकल्प लिया
चंदौली, जिला मुख्यालय के एक लॉन में 09 अक्टूबर को भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संयुक्त तत्वाधान में कांशीराम की 19वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई. इस दौरान वक्ताओं ने समाज सुधार में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला और डॉ अंबेडकर व कांशीराम के विचारों पर चलकर समाज की दशा और दिशा बदलने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम कि शुरुआत सर्वप्रथम मुख्य अतिथि एड. जावेद इकबाल अंसारी और लॉर्ड बुद्धा डॉ अंबेडकर सेवा समिति प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद आर्य द्वारा संयुक्त रूप से डॉ अंबेडकर और मा0 कांशीराम के तैल चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया.
फोटो: कांशीराम की पुण्यतिथि पर नूर पैलेस लॉन में जुटे भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के जाबाज सिपाही
इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए श्री अंसारी ने कहा कि ब्राह्मणवाद मानवीय मूल्यों का सबसे बड़ा दुश्मन, देश की प्रगति में सबसे बड़ा रोड़ा बना है और जातिवाद का जहर घोलकर सामाजिक आर्थिक और राजनैतिक असमानताएं पैदा करके ऊंच नीच का भेदभाव डाला है. इन्होंने सदा झूठ बोला, अंधविश्वास पाखण्ड को मूल मंत्र बनाकर देश को लूटा और दूसरों को सत्य बोलने के लिए प्रेरित किया, वेदों में नकारात्मक व्याख्या कर समाज में ऊंच नीच की खाई पैदा कर दिया, जिसको पाटने के लिए बड़े भाई चंद्रशेखर आजाद ने संकल्प लिया है और जल्द ही ब्राम्हणवाद का खात्मा होगा.
विशिष्ट अतिथि सुनील कुमार लंकेश ने मौजूदा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि देश में जाति आधारित जनगणना को जानबूझकर न कराना, सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ एक सोचा-समझा षड्यंत्र है. यह बहुजन समाज की वास्तविक संख्या और उनके अधिकारों को दबाने का एक प्रयास है.
मौजूदा वक्त न केवल संवैधानिक मूल्यों पर आघात है, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी छिन्न-भिन्न करने वाला संकट है.
कार्यक्रम कि अध्यक्षता कर रहे अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा कि वर्तमान शासन व्यवस्था को निष्प्रभावी करने तथा संविधान को बचाने के लिए हमें परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सतत जागरूक और संगठित रहना होगा. इस सरकार में दलित, पिछड़े, आदिवासी वर्ग एवं अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़े हैं. बहुजन समाज में आज लाखों संगठन बन चुके हैं सभी संगठनो को बहुजन हितैषी राजनैतिक पार्टी आजाद समाज पार्टी कांशीराम से जुड़कर अपने नेतृत्व गुणों और कौशलों को विकसित करने के लिए सक्रिय रूप से काम करने की जरूरत है. सामाजिक चुनौतियाँ से निपटने एवं तर्कसंगत समाधान देने से नेतृत्व में कारगरता बढ़ेगी और जनता का भरोसा भी बढ़ेगा.
तत्वदर्शी सम्यक महाराज ने कहा कि मनुवादियों की छाती पर चढ़कर बहुजनों को न्याय हक अधिकार दिलाने वाले मा0 कांशीराम सदा पूजे जायेंगे. विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की न्यायपालिका के सर्वोच्च पद पर बैठे गवई साहब का अपमान किया गया है. सरकार आखिर कराना क्या चाहती है? हमें ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए मजबूर न करें. हम लोग पहले के दलित नहीं हैं. हर ईंट के जुर्म का जवाब पत्थर से देने के लिए कमर कस कर तैयार हैं. ज्यादा अति हुआ तो श्रीलंका, पश्चिम बंगाल और नेपाल जैसी हालात होने में देर नहीं लगेगा.
जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि आज का दिन मान्यवर कांशीराम को सामाजिक न्याय के लिए किए गए संघर्षों को याद करने का दिन है. मा0 कांशीराम ने देश के दलितों,वंचितों को सत्ता के गलियारे का रास्ता दिखाने, सामाजिक और वैचारिक आंदोलनों के जरिये सामाजिक मूल्यों और विचारधाराओं को पुनर्जीवित करने, उनका हक और अधिकार राज पाठ दिलाने के लिए आजीवन लड़ते लड़ते आज ही के दिन 09अक्टूबर 2006 को सदा के लिए अमन चैन से सो गए. मा0 कांशीराम के जाने के बाद उनके सपनों को पूरा करने के लिए भाई चंद्रशेखर आजाद ने संकल्प लिया है और वादा किया है कि यदि बहुजन समाज के लोगों ने मेरा साथ दिया तो बहुत जल्द ही उनको उनका हक अधिकार और राज पाठ बंटवाकर रहेंगे.
श्रद्धांजलि सभा में सुदामा प्रसाद, सिद्धार्थ प्राण बाहु, रामचंद्र राम, अवधेश कुमार भारती, देवा कुलकर्णी, डॉ नन्दलाल महादेवन, अशोक कुमार गौतम, जयंत चौधरी, आकाश जाटव, शनि कुमार, शेरू निगम, संघर्ष सूर्यवंशी, आसिम खान, सहित हजारों समर्थक मौजूद रहे।