डॉ. अंबेडकर प्रतिमा बिना बताए हटाने पर समर्थकों में आक्रोश
कई थानों की जुटी पुलिस, गोलंबर में लगाने के लिए अड़ी भीम आर्मी
चंदौली, जिले के सकलडीहा चौराहे पर तीन दशकों से लगी डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा बिना बताए हटाए जाने के बाद समर्थकों में भारी आक्रोश पैदा हो गया. शनिवार को पूर्वान्ह लगभग 10:00 बजे काफी संख्या में जुटकर भारी विरोध जताया. इस दौरान कई थानों की पुलिस भी मौके पर जुट गई. वहीं सीओ और एसडीएम के आश्वासन के बाद समर्थक माने और धरना समाप्त किए. उनकी मांग थी कि डॉ अंबेडकर की एक बड़ी और भव्य प्रतिमा चौराहे के बीच गोलंबर बनाकर स्थापित किया जाए.
दरअसल, यह प्रतिमा सकलडीहा कस्बा स्थित मुख्य चौराहे पर वर्ष 1995 में स्थापित की गई थी. चंदौली सकलडीहा वाया चहनिया मार्ग को चौड़ीकरण करने के दौरान प्रतिमा इसके जद में आ गई है. शुक्रवार की रात को इसे मूल स्थान से हटा दिया गया और उसी स्थान के पास थोड़ा पीछे एक नई, छोटी प्रतिमा स्थापित कर दी गई.
इस खबर के फैलते ही स्थानीय लोग और समर्थक आक्रोशित हो गए और सड़क पर उतर आए. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कुंदन राज कपूर और क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्नेहा तिवारी भारी पुलिस बल के साथ तिराहे पर पहुंचे. उन्होंने भीम आर्मी और अन्य समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे.
उनका आरोप है कि डॉ. अंबेडकर प्रतिमा को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाया गया है. उनका यह भी कहना है कि नई स्थापित प्रतिमा पुरानी प्रतिमा से काफी छोटी है. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि चौराहे पर गोलंबर बनाकर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जाए।