शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का पालन करना जरूरी - कु. सोना
एक दिन की बनी प्रधानाध्यापक, अनुशासन मेहनत और समय का बताई महत्त्व
चंदौली, जिले के नौगढ़ में मिशन शक्ति अभियान 5:0 के तहत कंपोजिट विद्यालय जयमोहनी में बृहस्पतिवार को कक्षा 7 की छात्रा कुमारी सोना को एक दिन के लिए प्रधानाध्यापक बनाया गया. अपने निर्देशन में उन्होंने बताई कि शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का पालन करना भी जरूरी है.शिक्षा ग्रहण के दौरान अनुशासन मेहनत और समय का बहुत बड़ा महत्त्व है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और जिम्मेदारी का भाव विकसित करना था.
कु० सोना ने कुर्सी संभालते ही छात्रों को अनुशासन एवं योगा और मेहनत का महत्व समझाया. उन्होंने प्रार्थना सभा में सभी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, मेहनत और समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है. इसके साथ ही उन्होंने सहपाठियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों का पालन करने का आह्वान भी किया.
विद्यालय के श्री प्रियधेश कुमार (प्रभारी प्रध्यानाध्यापक ),श्री देवेन्द्र यादव (स० अ० ) श्री जितेन्द्र शर्मा स ०अ०) श्री अनुराग शर्मा (स०अ०) कुमार मंगलम (स०अ० ) श्रीमती काजल जायसवाल ( स०अ० ) श्री राम चन्द्र राम (शिक्षा मित्र ) सहित सभी शिक्षकगण इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने कु०सोना को उनके नेतृत्व अनुभव के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि इस तरह की पहल छात्राओं में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व का भाव मजबूत करती है.
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि मिशन शक्ति के तहत ऐसी गतिविधियों से छात्राओं में सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी का विकास होता है. छात्रों को यह अनुभव उनके भविष्य में नेतृत्व कौशल और जिम्मेदारी निभाने की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा.
इस कार्यक्रम के दौरान छात्रा कु० सोना ने दिखाया कि उम्र चाहे छोटी हो, लेकिन सही मार्गदर्शन और उत्साह के साथ वह अनुशासन और नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत कर सकती है. विद्यालय परिवार ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।