श्रद्धा में ही भगवान बसते हैं- पिंटू पाल
ईश्वर की उपस्थिति और अस्तित्व श्रद्धा में ही दिखती है, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ छठ पूजा संपन्न
सकलडीहा, (चंदौली) मंगलवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पूजा का तीन दिवसीय महापर्व सकुशल संपन्न हो गया. इस दौरान अल सुबह घाटों पर व्रतियों की भीड़ उमड़ी रही. व्रतियों ने भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर छठ माता से मनोकामनाएं मांगीं.
इस दौरान किसान नेता पिंटू पाल ने बताया कि श्रद्धा में ही भगवान बसते हैं.ईश्वर की उपस्थिति और अस्तित्व श्रद्धा में ही दिखती है. जब हम किसी चीज़ पर दृढ़ता और निष्ठा से विश्वास करते हैं, तो वह भावना हमें ईश्वर से जोड़ती है, और भगवान को मूर्त रूप में अनुभव करने के लिए श्रद्धा एक आवश्यक माध्यम है. श्रद्धा हमें अपने कर्तव्यों और जीवन के प्रति निष्ठावान रहने के लिए प्रेरित करती है.
मंगलवार की भोर में 3 बजे से ही व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ घाटों पर पहुंचने लगी थीं. व्रतियों ने सूप और दऊरी में फल, ठेकुआ और नारियल जैसे विभिन्न प्रकार के प्रसाद सजाए थे. वे 'कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाए' जैसे पारंपरिक छठ गीत गाते हुए ढोल-नगाड़ों के साथ घाटों पर पहुंचीं. पानी में उतरकर उन्होंने सूर्योदय का इंतजार किया. सूर्योदय होते ही सभी ने भगवान सूर्य के जयकारे लगाए.
उन्होंने बताया कि डाला छठ का महापर्व सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए थे. हालांकि तहसील प्रशासन ने बखूबी से निर्देशों का अनुपालन भी किया. उप जिलाधिकारी कुंदन राज कपूर, क्षेत्राधिकारी स्नेहा तिवारी तथा अपर जिलाधिकारी तक कई बार सकलडीहा क्षेत्र के विभिन्न घाटों का निरीक्षण किया गया. वही खंड विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह तथा सहायक खंड विकास अधिकारी बजरंगी पांडेय द्वारा भी स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाया था.