अंग्रेजों ने भारत से जाते हुए गृहयुद्ध एवं अव्यवस्था के बीज बो गये-अरुण रत्नाकर
रजवाड़ों को दे दी स्वतन्त्रता, पटेल ने भारत में मिलवाया
सकलडीहा,(चंदौली) क्षेत्र के नईबाजार पूर्व माध्यमिक विद्यालय में लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 150 जयंती एकता दिवस के रूप में मनाई गई और सभी बच्चों व शिक्षकों द्वारा एकता अखंडता की शपथ भी ली गई .
प्रभारी प्रधानाध्यापक अरुण रत्नाकर द्वारा उनके जीवन पर चर्चा करते हुए बताया गया की 15 अगस्त, 1947 को अंग्रेजों ने भारत को स्वाधीन तो कर दिया, पर जाते हुए वे गृहयुद्ध एवं अव्यवस्था के बीज भी बो गये. उन्होंने भारत के 600 से भी अधिक रजवाड़ों को भारत में मिलने या न मिलने की स्वतन्त्रता दे दी. अधिकांश रजवाड़े तो भारत में स्वेच्छा से मिल गये; पर कुछ आँख दिखाने लगे.
ऐसे में जिसने इनका दिमाग सीधाकर उन्हें भारत में मिलाया, उन्हें हम लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम से जानते है , भारत के इस सपूत को स्वतन्त्रता के बाद उन्हें उप प्रधानमन्त्री तथा गृहमन्त्री बनाया गया 15 दिसम्बर, 1950 को भारत के इस महान सपूत का देहान्त हो गया.
महान विभूति को कोटि कोटि नमन, विद्यालय में बच्चों में वाद विवाद , भाषण, निबंध आदि की प्रतियोगिता कराई गई. इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जितेंद्र यादव, धर्मराज प्रसाद, सतीश कुमार, सुरेश कुमार बनारसी मृत्युंजय झम्मन सहित स्कूल के बच्चे उपस्थित रहे