बेटी का नाम जोड़वाने के लिए दो वर्ष से परेशान किसान, गरीब योजनाओं से हो जा रहे वंचित, जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन
सकलडीहा (चंदौली)। पूर्ति विभाग एकबार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। किसान नेताओं ने इन पर पैसे लेकर राशन कार्ड बनाने और नाम जोड़ने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष से नए राशन कार्ड बनाने या पुराने कार्डों में नाम जोड़ने की प्रक्रिया गरीबों के लिए लगभग बंद है, जबकि पैसे देने वालों के नाम जोड़े जा रहे हैं।
सकलडीहा तहसील में तीसरी मंजिल पर पूर्ति कार्यालय है, जो सकलडीहा, धानापुर और चहनियां क्षेत्रों का काम देखता है। विभाग जनपद लक्ष्य पूरा होने का हवाला देकर जरूरतमंदों को लौटा रहा है, जिससे गरीब सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के वाराणसी मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने शनिवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग को पत्रक सौंपकर इसकी शिकायत की। साथ ही निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की। इसपर जिलाधिकारी ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। वहीं किसान नेताओं ने अन्यथा कि स्थिति में आंदोलन की चेतावनी दी।
जितेंद्र तिवारी ने बताया कि वह पिछले दो साल से अपनी बेटी का नाम राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए परेशान हैं। लेकिन जनपद का लक्ष्य पूरा हो गया है बताकर टाला जा रहा है। बैठक में जितेंद्र प्रताप तिवारी, विभूति नारायण तिवारी, गोपाल सिंह, राघवेंद्र सिंह, मनोज यादव, हरि यादव, रामअवतार सिंह, अनूप तिवारी और सुरेंद्र यादव सहित अन्य कई किसान नेता और किसान मौजूद रहे।
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