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चंदौली के सकलडीहा में 1.28 करोड़ का फर्जी जीएसटी भ्रष्टाचार

जांच पर सवाल, सीएम पोर्टल पर फिर शिकायत

चंदौली के सकलडीहा विकास खंड की ग्राम पंचायत सकलडीहा में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार का मामला गरमाया हुआ है। आरोप है कि फर्जी और रद्द जीएसटी फर्मों का इस्तेमाल कर दो वर्षों में 1.28 करोड़ रुपये का गबन किया गया। ग्राम पंचायत सदस्य अरविंद कुमार ने प्रधान, सचिव और फर्म संचालकों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए 10 नवंबर 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था।

शिकायतकर्ता अरविंद कुमार ने रविवार को मुख्यमंत्री पोर्टल पर दोबारा ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि ब्रेड-बेकरी वाली अमान्य फर्म का इस्तेमाल निर्माण सामग्री के फर्जी बिलों के लिए किया गया, जबकि जीएसटी पोर्टल पर यह फर्म रद्द साबित हो रही है। यह फर्म सकलडीहा के अलावा नियमताबाद के कुछ गांवों में भी भुगतान के लिए इस्तेमाल हुई। तीन अलग-अलग सचिवों ने इस फर्म को भुगतान किया, जिसमें पूर्व सचिव संदीप कुमार गौतम शामिल हैं, जो दावा करते हैं कि सामग्री लेकर निर्माण कार्य हुआ।

जांच पर उठे सवाल
26 फरवरी को जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) नीरज सिन्हा के नेतृत्व में जांच टीम मौके पर पहुंची, लेकिन अरविंद ने आरोप लगाया कि अधिकारी फर्जी बिलों को 'मिसप्रिंट' बताकर केस को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं। डीपीआरओ ने पुष्टि की कि मामला टैक्स चोरी का है और जीएसटी विभाग को पत्र लिखा गया है। विभाग के जवाब के बाद फर्म पर कार्रवाई होगी।

अरविंद ने जिलाधिकारी सहित कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा। स्थानीय निवासी इस मामले को ग्रामीण विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार का नमूना मान रहे हैं।

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