पार करते समय मोटरसाइकिल सवार दिलीप पाल गड्ढे में गिरे, साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल लंका वाराणसी रेफर खतरे में जान
चंदौली जिले के नौगढ़ तहसील के विशेषरपुर गांव में मौत का इशारा करती जर्जर पुलिया ने फिर कोहराम मचा दिया। मोटरसाइकिल सवार दिलीप पाल उस खस्ताहाल पुलिया को पार करने की कोशिश कर रहे थे कि अचानक गड्ढे में पहिया फिसल गया। धड़ाम से मोटरसाइकिल उछली और दिलीप सिर के बल गिर पड़े।
हाथ-पैर टूटे, सिर फटा, पेट में तेज दर्द, गंभीर चोटें लगने से उनकी हालत नाजुक हो गई। ग्रामीणों ने फौरन उन्हें साई हॉस्पिटल राबर्ट्सगंज ले जाया, लेकिन डॉक्टरों ने हालत गंभीर देख साईं मेडिसिटी हॉस्पिटल लंका वाराणसी रेफर कर दिया। अब सवाल है—क्या दिलीप बच पाएंगे?
यह वही खतरनाक पुलिया है, जो 27 जुलाई 2025 की भारी बारिश में कूड़ा राजवाहा नहर पर प्राथमिक विद्यालय विशेषरपुर मुसहर बस्ती के पास ध्वस्त हो गई थी। नहर बहने से ग्रामीण 2.5 किमी का चक्कर लगा रहे थे, लेकिन नहर बंद होते ही उन्होंने खुद ही छोटी-सी जगह बना ली। उसी जर्जर रास्ते पर दिलीप जा रहे थे कि किस्मत ने साथ छोड़ दिया—पहिया फिसला, बाइक गड्ढे में समा गई।
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा: 'पुलिया बनाओ, वरना तहसील घेरेंगे।
'दुर्घटना की खबर फैलते ही गांव में सनसनी मच गई। स्कूल के बच्चे डर से कांप उठे, चिल्लाए, "अब स्कूल कैसे जाएं? ये पुलिया हमें मार डालेगी!" गुस्साए ग्रामीण सड़क पर उतर आए। सिंचाई विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू करदी। 'JE साहब, बजट कहां गया? ग्रामीणों की जिंदगी सस्ती है क्या?'
भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र राम और जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार भारती मौके पर पहुंचे। JE से गरमागरम बहस हुई, लेकिन उन्होंने बजट न होने का रोना रोया।
प्रदर्शनकारियों ने ऐलान ठोंका—IGRS पर शिकायत करेंगे, सीएम को प्रार्थना पत्र भेजेंगे! तहसील दिवस पर DM से पुलिया बनाने की मांग करेंगे और आंदोलन तेज करेंगे।
प्रमुख प्रदर्शनकारी शारदा प्रसाद, अमरनाथ भारती, जयप्रकाश, रामकेश, रामअवतार, विनोद, पंकज कुमार सहित सैकड़ों महिलाएं, पुरुष और बच्चे मैदान में डटे रहे। बरसात से पहले पुलिया बनेगी या ग्रामीणों का आक्रोश और भड़केगा—यह तो समय बताएगा।
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