आरोपों की प्रकृति
नौजवान छात्राओं की ओर से दावा किया गया था कि वे निदेशक के व्यवहार से यौन रूप से उत्पीड़ित या शोषित हो रही हैं। इन आरोपों के मद्देनजर ऊपरी प्रशासनिक स्तर पर विभागीय जांच की भी कार्यवाही चलाई गई, जिसके आधार पर ही अंतिम निर्णय बर्खास्तगी के रूप में लिया गया।
बर्खास्तगी और प्रतिक्रिया
लंबी जांच और दस्तावेजी प्रक्रिया के बाद एनएसडी प्रशासन ने निदेशक प्रवीण कुमार को पद से हटाकर बर्खास्त कर दिया है। उन्होंने ये आरोप “निराधार” बताया है और अपनी बर्खास्तगी को कानूनी रूप से “अवैध” बताते हुए न्यायिक या अधिकारिक स्तर पर चुनौती देने की घोषणा की है।
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