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मान्यवर कांशीराम जी दलित, पीड़ित, पिछड़े व अल्पसंख्यक समुदायों के सच्चे रहबर थे: रामचंद्र राम

धूमधाम से मनाई गई जयंती, जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला गया 

चंदौली के नौगढ़ तहसील के लालतापुर, जनकपुर, विशेषपुर व औराही गांवों में शोषित, वंचित, पीड़ित व पिछड़े समाज के प्रणेता मान्यवर कांशीराम जी की 92वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में भीम आर्मी जिलाध्यक्ष मास्टर रामचंद्र राम मुख्य अतिथि रहे।

मास्टर रामचंद्र राम ने मान्यवर कांशीराम जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कांशीराम जी दलित, पीड़ित, पिछड़े व अल्पसंख्यक समुदायों के सच्चे रहबर थे। उनका जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रोपड़ जिले के ख्वासपुर गांव में रामदासिया चमार जाति में हुआ। प्राथमिक शिक्षा गांव में ही पूरी करने के बाद 1956 में उन्होंने रोपड़ से बीएससी की उपाधि प्राप्त की। 1957 में सर्वे ऑफ इंडिया की प्रतियोगी परीक्षा पास की, लेकिन सर्विस बॉन्ड भरने से इंकार कर नौकरी छोड़ दी। इसके बाद पूना के रक्षा विज्ञान एवं अनुसंधान विकास संस्थान की एक्सप्लोसिव रिसर्च लेबोरेटरी में अनुसंधान सहायक बने। यहीं एक घटना ने उनकी दिशा बदल दी, जो उन्हें शोषित-वंचित समाज के संघर्ष का प्रणेता बना गई।

कार्यक्रम में आजाद समाज पार्टी कांशीराम (ASP) जिलाउपाध्यक्ष मास्टर अवधेश कुमार भारती, तहसील अध्यक्ष नौगढ़ डॉ. अनिल कुमार, महासचिव रिंकू कुमार, प्रदीप कुमार बैद्य, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद कुमार, ब्लॉक कोषाध्यक्ष कु. सीतारा, आर्मी जिला उपाध्यक्ष विजय भास्कर, एंड दिनेश कुमार, सशांत, राजू, रामसूरत, संतोष कुमार बागी, विजेंद्र कुमार यादव अम्बेडकर सहित सैकड़ों भीम आर्मी व ASP कार्यकर्ता व समर्थक उपस्थित रहे।दीपक सिंहनिया, संदीप कुमार व साथियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर देर रात तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम का संचालन रिंकू कुमार ने किया।

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